जन्तु कोशिका
1. निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकीय घटक, अधिकांश प्राक्केंद्रकियों (Prokaryotes) में मौजूद नहीं होता है ?
(a) कोशिका द्रव्य
(b) केंद्रक झिल्ली
(c) कोशिका भित्ति
(d) राइबोसोम
Ans. (b): कोशिका के केन्द्रक का वह कोशिकीय घटक जिसकी अधिकांश प्राक्केंद्रकियाँ मौजूद नहीं होती है, उसे केन्द्रक झिल्ली कहते हैं। यह दोहरी परत की एक झिल्ली है, जो केन्द्रक को चारों-ओर से घेरे रहती है, जिसमें से बाहरी झिल्ली अंतः प्रद्रव्यी जालिका से जुड़ी होती है, जिस पर राइबोसोम्स भी पाए जाते हैं। कोशिका में केन्द्रक की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 ई. में की थी, जो कोशिका का नियंत्रण केन्द्र होता है।
2. मानव कोशिकाओं में ग्लूकोज के विघटन द्वारा ऊर्जा का निर्माण होता है। ग्लूकोज के विघटन के लिए इनमें से किसकी आवश्यकता होती है?
(a) ऑक्सीजन
(b) कार्बन डाईऑक्साइड
(c) नाइट्रोजन
(d) हाइड्रोजन
Ans. (a): मानव कोशिकाओं में ग्लूकोज के विघटन द्वारा ऊर्जा का निर्माण होता है। ग्लूकोज के विघटन के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती हैं।
3. अधिकांश कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा मूद्रा क्या होती है ?
(a) पाइरूवेट
(b) एटीपी (ATP)
(c) एडीपी (ADP)
(d) ग्लूकोज
Ans. (b) : अधिकांश कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए एडीनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) उर्जा मुद्रा होती हैं। ATP एक जटिल कार्बनिक रसायन होता है एवं यह जीवित कोशिकाओं आदि में पाया जाता है। जो यह जीवित कोशिकाओं में कई प्रकार की अलग-अलग प्रक्रिया के चलने के लिए उर्जा आदि प्रदान करने का कार्य करता है जैसे कि आवेग, प्रसार, मांसपेशियों का संकुचन, रासायनिक संश्लेषण आदि।
4. किस कोशिकांग को ‘कोशिका की आत्महत्या की थैली’ के रूप में जाना जाता है ?
(a) केंद्रक
(b) माइटोकॉन्ड्रिया
(c) सेंट्रोसोम
(d) लाइसोसोम
Ans.(d) : लाइसोसोम को कोशिका की आत्महत्या की थैली के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इनमें हाइड्रोलिटिक एंजाइम पाये जाते हैं। लाइसोसोम का pH मान 4.5-5 (अम्लीय) होता है।
5. कोशिका में, 6-कार्बन वाले अणु-ग्लूकोज के 3-कार्बन वाले अणु-पाइरूवेट में विखंडन की प्रकिया कहाँ पर होती है ?
(a) कोशिका द्रव्य
(b) माइटोकॉन्ड्रिया
(c) हरित लवक
(d) गॉल्जीकाय
Ans. (a): कोशिका में 6 कार्बन अणु-ग्लूकोज के 3-कार्बन वाले अणु पाइरूवेट मे विखंडन की प्रक्रिया कोशिका द्रव्य में होती है। कोशिका द्रव्य एक जैली जैसा पदार्थ है जो कोशिका झिल्ली एवं केन्द्रक के बीच पाया जाता है। कोशिका के अन्य अथवा कोशिकांग कोशिका द्रव्य मे ही पाये जाते है जैसे माइटोकांड्रिया, गाल्जीकाय, राइबोसोम इत्यादि।
6. प्रोकैरियोटिक राइबोसोम की उप-इकाई संरचना क्या होती है ?
(a) 50S और 40S
(b) 60S और 40S
(c) 50S और 30S
(d) OS और 30S
Ans. (c) : प्रोकैरियोटिक राइबोसोम कोशिका की जीवद्रव्य झिल्ली से जुड़े होते है। ये 15-20 नैनोमीटर आकार की होती है और दो उप-इकाईयों में 50S व 30S की बनी होती है, जो आपस में मिलकर 70S प्रौकैरियोटिक राइबोसोम बनाते है। राइबोसोम के ऊपर प्रोटीन संश्लेषित होती है।
7. प्राक्केंद्रकी कोशिका (Prokaryotic cell) की कुछ विशेषताओं का उल्लेख नीचे किया गया है। दिए गए विकल्पों में से गलत विकल्प का चयन कीजिए।
(a) झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों की मौजूदगी
(b) अत्यधिक छोटा आकार
(c) एकल गुणसूत्र
(d) इसका नाभिकीय क्षेत्र केंद्रकाभ कहलाता है।
Ans. (a): प्राक्केन्द्रकी कोशिका की प्रमुख विशेषताएं- ये अत्यधिक छोटे आकार की एकल गुणसूत्रीय होती है, इसका नाभिकीय क्षेत्र केन्द्रकाभ कहलाता है। प्रोकैरियोटिक जीव या प्रोकैरियोटिक ऐसे जीवों को कहा जाता हैं जिनकी कोशिका झिल्ली बन्द केन्द्रक में नहीं पाई जाती है।
8. जब ATP में टर्मिनल फॉस्फेट लिंकेज को जल के उपयोग द्वारा तोड़ा जाता है, तो कितनी ऊर्जा मुक्त होती है ?
(a) 32 kmol
(b) 32.5 kmol
(c) 30.5 kmol
(d) 33 kmol
Ans. (c) : संश्लेषित अणु ATP का उपयोग कोशिका में अन्य सभी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। इन प्रकियाओं में ATP टूट जाता है जो एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा पैदा करता है जो कोशिका में होनी वाली ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं को चला सकता है।
इस प्रकार, जब पानी का उपयोग करके ATP में टर्मिनल फॉस्फेट लिंकेज को तोड़ा जाता है, तो 30.5 kmol के बराबर ऊर्जा निकलती है।
9. कौन सा कोशिकांग विषाक्त पदार्थों और औषधियों के जहरीले प्रभाव को खत्म कर देता है ?
(a) अंतःर्द्रव्यी जालिका
(b) राइबोसोम
(c) गॉल्जी काय
(d) माइटोकॉन्ड्रिया
Ans. (a): अंतःर्दव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) सुकेन्द्रक कोशिकाओं (Eukaryotic cells) में स्थित एक झिल्लीदार कोशिकांग हैं। इनका प्रमुख कार्य विषाक्त पदार्थों और औषधियों के जहरीले प्रभाव को खत्म करना होता है। अन्तःर्द्रव्यी जालिका की रचना प्लाज्मा झिल्ली के समान होती है।
10. निम्न में से किस प्राणी ऊतक में चपटी कोशिकाएं होती हैं ?
(a) प्लाज्मा कोशिकाएं
(b) घनाभाकार उपकला
(c) शल्की उपकला
(d) मास्ट कोशिकाएं
Ans. (c): शल्की उपकला ऊतक एक चपटी कोशिकाओं के पतले स्तर से बनता है जिसके किनारे अनियमित होते हैं। यह ऊतक रक्त वाहिकाओं की भित्ति में तथा फेफड़े के वायुकोश में पाया जाता है और यह विसरण सीमा का कार्य करती है।
11. निम्न में से कौन सा कथन गलत है ?
(a) किण्वन की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक नहीं है।
(b) श्वसन के प्रथम चरण में पाइरूविक अम्ल का निर्माण होता है।
(c) श्वसन के प्रथम चरण में ग्लूकोज का विघटन होता है।
(d) माइटोकॉन्ड्रिया में, ऑक्सीजन की सहायता से एसिटिक अम्ल का विघटन होता है।
Ans. (d) : दिए गए कथनों में कथन (4) गलत है। माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन की सहायता से एसिटिक अम्ल का विघटन नहीं होता बल्कि पाइरूवेट का विघटन होता है। माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस कहा जाता है।
12. कशेरुकियों की यकृत कोशिकाओं में SER द्वारा कौन-सा महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है ?
(a) औषधियों और विषों का निराविषीकरण
(b) लिपिड का संश्लेषण
(c) प्रोटीन का संश्लेषण
(d) जटिल शर्कराओं का संश्लेषण
Ans. (a): कशेरूकी प्राणियों/जीवों के यकृत कोशिकाओं में एस.ई.आर. (Smooth Endoplasmic reticulum) नामक पदार्थ स्रावित होता है तथा एक चिकनी झिल्लीनुमा परत पाई जाती है। जिसका मुख्य कार्य औषधियों और विषों का निराविषीकरण/निर्मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
13. निम्नलिखित में से किस कोशिकीय घटक को कोशिका के प्रोटीन के कारखाने के रूप में जाना जाता है?
(a) राइबोसोम
(b) गॉल्जीकॉय
(c) माइटोकॉन्ड्रिया
(d) हरित लवक
Ans. (a) : राइबोसोम को कोशिका के प्रोटीन के कारखाने के रूप में जाना जाता है। राइबोसोम आर.एन.ए. और प्रोटीन दोनों से बनी एक अंतर कोशिकीय संरचना है और यह कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण का स्थान है।
14. निम्न में से किसे ‘कोशिका का पावरहॉउस’ कहा जाता है?
(a) माइटोकांड्रिया
(b) लाल रक्त कणिकाएं
(c) श्वेत रक्त कणिकाएं
(d) प्लाज्मा झिल्ली
Ans. (a): सभी रासायनिक क्रियाओं को करने के लिए माइटोकॉण्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा प्रदान करती है, इसलिए इन्हे कोशिका का बिजलीघर (power house) भी कहते है। इसकी खोज 1857 में अल्बर्ट वॉन कोलिकर ने की थी।
15. यूकैरियोटिक कोशिकाओं के निम्न में से किस कोशिकांग को आत्मघाती थैली भी कहा जाता है ?
(a) माइटोकॉन्ड्रिया
(b) गॉल्जी काय
(c) क्लोरोप्लास्ट
(d) लाइसोसोम
Ans. (d) : लाइसोसोम-यह एक झिल्ली आबंध कोशिकांग है, जिसमें प्रचुर मात्रा में अम्लीय हाइड्रोलेजेज एंजाइम पाए जाते हैं, जो सभी प्रकार के जैविक बहुलक यानी कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक अम्लों का पाचन करता है। यह प्रोकैरियोटिक कोशिका और परिपक्व आर.बी.सी. (RBC) को छोड़कर अन्य सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। अन्तः प्रद्रव्यी जालिका के द्वारा लाइसोसोम के एंजाइमों का निर्माण होता है तथा चारों ओर की झिल्ली का निर्माण गॉल्जीकाय द्वारा होता है। कोशिका के क्षतिग्रस्त या मृत हो जाने पर लाइसोसोम फट जाते हैं और मुक्त एंजाइम अपनी ही कोशिका को पचा देता है। इस कारण लाइसोसोम को कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं।
16. निम्नलिखित में से किस कोशिकांग को कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ के रूप में जाना जाता है ?
(a) अंतः-प्रद्रव्यी जालिका
(b) राइबोसोम
(c) गॉल्जीकाय
(d) लाइसोसोम
Ans. (d): लाइसोसोम को कोशिका की “आत्मघाती थैली” या आत्म हत्या की थैली” कहा जाता है। क्योंकि उनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम जमा होते है। इन एंजाइमों का उपयोग कोशिका में जटिल अणुओं को पचाने के लिए किया जाता है। लाइसोसोम न्यूक्लिक एसिड, पॉलीसेकेराइड वसा और प्रोटीन को पचाने में सक्षम है। उनके साथ-साथ लाइसोसोम भी अपने स्वयं के एंजाइमों द्वारा अपनी स्वयं की कोशिकाओं को पचाते हैं या क्षति पहुँचाते है जिससे कोशिका को मृत्यु हो जाती है। इस प्रक्रिया को ऑटोलिसिस कहा जाता है।
17. श्लाइडेन और श्वान द्वारा दिया गया कोशिका सिद्धांत निम्नलिखित में से किन जीवों पर लागू नहीं होता है ?
(a) कवकों पर
(b) जंतुओं पर
(c) विषाणुओं पर
(d) शैवालों पर
Ans. (c) : श्लाइडेन (Schleiden) और श्वान (Schwann) द्वारा दिया गया कोशिका सिद्धांत कवकों, जन्तुओं और शैवालों पर लागू होता है, परन्तु विषाणुओं पर यह लागू नहीं होता है।
18. रॉबर्ट हुक (Robert Hook) द्वारा कोशिका की खोज किस प्रकार की गई ?
(a) पेड़ के पत्तों का निरीक्षण करते हुए
(b) एक प्याज के छिलके को निरीक्षण करते हुए
(c) रक्त का निरीक्षण करते हुए
(d) कॉर्क का निरीक्षण करते हुए
Ans. (d) : कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक द्वारा 1665 ई. में किया गया। इन्होंने कॉर्क के स्लाइस का सामान्य आवर्धक यंत्र की सहायता से अध्ययन किया। कार्क पेड़ की छाल का एक भाग है। उन्होंने कार्क की पतली स्लाइस ली और उसका सूक्ष्मदर्शी की सहायता से अध्ययन किया। उन्होंने कार्क की स्लाइस में अनेक कोष्ठयुक्त अथवा विभाजित बक्से देखें। बक्से मधुमक्खी के छत्ते के समान दिखाई दिए।
19. कोशिका की खोज किसने की थी ?
(a) थियोडोर श्वान
(b) रॉबर्ट हुक
(c) मैथियास श्लेयडेन
(d) रुडोल्फ विरचो
Ans. (b): उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
20. केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच मौजूद जेली जैसे पदार्थ को क्या कहा जाता है?
(a) कर्णीय
(b) कोशिकाद्रव्य
(c) उल्ब
(d) फुफ्फुसीय
Ans. (b) : कोशिका जीवों की आधार भूत संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई होती है। यह एक विशिष्ट पारगम्य कला से घिरी रहती है तथा प्रायः इसमें स्वजनन की क्षमता होती है। कोशिका की संरचना कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य तथा केन्द्रक से मिलकर होती है, जिन्हें कोशिकांग कहते है। कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) एक जेली जैसा पदार्थ होता है जो कोशिका झिल्ली एवं केन्द्रक के बीच पाया जाता है। कोशिकाद्रव्य में अनेक कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थ होते हैं। कोशिका के अन्य संघटक अथवा कोशिकांग कोशिकाद्रव्य में ही पाये जाते है।
21. केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच भरे हुए जेली जैसे पदार्थ को क्या कहा जाता है ?
(a) प्रोटोप्लाज्म
(b) क्लोरोप्लास्ट
(c) न्यूकिल्योलस
(d) साइटोप्लाज्म
Ans. (d) : उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
22. साइटोप्लाज्म (Cytoplasm) एक जेली जैसा द्रव होता है, जो में मौजूद होता है।
(a) केंद्रक और कोशिकांगों के बीच
(b) वसाओं और ऊतकों के बीच
(c) तंत्रिकाओं और कोशिकाओं के बीच
(d) केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच
Ans. (d): उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
23. पानी की कमी के कारण कोशिका के संकुचित होकर कोशिका भित्ति से अलग होने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(a) डि प्लाज्मोलिसिस
(b) साइटोलिसिस
(c) प्रकाश संश्लेषण
(d) प्लाज्मोलिसिस
Ans. (d): पानी की कमी के कारण कोशिका के संकुचित होकर कोशिका भित्ति से अलग होने की प्रक्रिया को प्लाज्मोलिसिस (जीवद्रव्य कुंचन) कहते हैं।
24. किस को कोशिका के पॉवरहाउस के रूप में जाना जाता है ?
(a) कोशिकाद्रव्य
(b) माइटोकांड्रिया
(c) केंद्रक
(d) अन्तः प्रदव्ययी जालिका
Ans. (b) : ऊर्जा युक्त कार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण माइटोकांड्रिया में होता है, जिससे काफी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है। इसीलिए माइटोकान्ड्रिया को ‘कोशिका का पावर हाउस’ (Power house of the cell) कहते है। यह ऊर्जा एडिनोसीन ट्राई फास्फेट (ATP) के रूप में होती है तथा इसका निर्माण ADP एवं अकार्बनिक फास्फेट के संयोग से होता है। इसे कोशिका का श्वसन स्थल भी कहते है। जीवाणु एवं नील हरित शैवाल को छोड़कर सभी सजीव पादप एवं जन्तु कोशिकाओं में माइटोकान्ड्रिया पाया जाता है।
25. कोशिका का वह वाह्यतम आवरण कौन-सा है, जो कोशिका के अवयवों को उसके वाह्य वातावरण से अलग करता है?
(a) प्लाज्मा झिल्ली
(b) कोशिकांग
(c) स्नायु कोशिका
(d) चिकनी पेशी कोशिका
Ans. (a): कोशिका के सबसे बाहर चारों ओर एक बहुत पतली, मुलायम और लचीली झिल्ली होती है जिसे कोशिका झिल्ली या प्लाज्मा मेम्ब्रेन या प्लाज्मा झिल्ली कहते है। यह झिल्ली जीवित एवं अर्द्ध पारगम्य होती है। यह कोशिका के अवयवों को उसके वाह्य वातावरण से अलग करती है। कोशिका झिल्ली लिपिड और प्रोटीन की बनी होती हैं यह भिन्न-भिन्न प्रकार के अणुओं को बाहर निकलने एवं अंदर आने में नियंत्रण करती है।
26. इक्वेटोरियन प्लेट पर कोशिका के केन्द्र में गुणसूत्रों का सरेखण माइटोसिस के किस चरण का गठन करता है?
(a) टेलोफेज
(b) प्रोफेज
(c) मेटाफेज़
(d) एनाफ़ेज़
Ans. (c) : मेटाफेज के दौरान, गुणसूत्र इक्वेटोरियन प्लेट पर कोशिका के केन्द्र में सरेखित होते हैं और धुरी के तंतु गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर से जुड़ जाते हैं। उल्लेखनीय है कि मेटाफेज समसूत्री विभाजन का द्वितीय चरण है। इस चरण में सेंट्रोमियर विभाजित होता है। और अलग किए गए क्रोमैटिड स्वतंत्र संतति गुणसूत्र बन जाते हैं।
27. स्वतंत्र अस्तित्व के सक्षम जीव की सबसे छोटी इकाई क्या होती है ?
(a) कोशिका
(b) कोशिकद्रव्य
(c) रिक्तियां
(d) जीवद्रव्य
Ans. (a): स्वतंत्र अस्तित्व के सक्षम जीव की सबसे छोटी इकाई कोशिका होती है। इसे जीवन की मूलभूत इकाई के नाम से भी जाना जाता है। मनुष्य तथा अन्य जीव-जन्तु और पेड़-पौधों का निर्माण कोशिका से ही हुआ है। बिना कोशिका से किसी भी जीव का जीवन असंभव है। अमीबा से लेकर सभी विशालकाय प्राणियों में कोशिका पायी जाती है।
28. जीवन की मूलभूत इकाई (unit) क्या है ?
(a) कोशिका
(b) अंग
(c) ऊतक
(d) नाभिक
Ans : (a) उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
29. पुटिकाओं (vesicles) में प्रोटीन और लिपिड के परिवहन, संशोधन और पैकेजिंग के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग उत्तरदायी है ?
(a) खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका
(b) चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका
(c) राइबोसोम
(d) गॉल्जी काय
Ans. (d): पुटिकाओं में प्रोटीन और लिपिड के परिवहन, संशोधन और पैकेजिंग के लिए गॉल्जी काय नामक कोशिकांग उत्तरदायी होता है। यह कोशिका के अंदर स्रावित पदार्थों के संग्रह व परिवहन में सहायक है।
30. निम्न में से कौन सी झिल्ली-संयोजित थैली पाचक एंजाइमों से भरी होती है ?
(a) गॉल्जी काय
(b) माइटोकॉण्ड्रिया
(c) लाइसोसोम
(d) रसधानी
Ans. (c) : लाइसोसोम (Lysosome) की खोज ‘डी डुवे’ नामक वैज्ञानिक ने 1955 में की थी, ये अधिकतर जन्तु कोशिकाओं में मुख्य रूप से एन्जाइम अभिक्रियाएँ करने वाली कोशिकाओं, जैसे-अग्नाशय, यकृत, मस्तिष्क तथा गुर्दे आदि में पाये जाते है। लाइसोसोम सूक्ष्म, गोल, इकहरी झिल्ली से घिरी तथा पाचक एंजाइमों से भरी थैली जैसी संरचना होती है। इसका सबसे प्रमुख कार्य बाहरी पदार्थों का भक्षण व पाचन करना है। इसे ‘आत्मघाती थैली’ (Suicide bag) भी कहा जाता है।
31. निम्नलिखित कोशिकांगों में से किसे कोशिका की आत्मघाती थैली (suicidal bag’s) कहा जाता है ?
(a) लाइसोसोम
(b) क्लोरोप्लास्ट
(c) गॉल्जी काय
(d) माइटोकॉन्ड्रिया
Ans. (a): लाइसोसोम की खोज क्रिश्चियन ‘डि डुवे’ ने 1955 ई. में की थी। यह बहुत ही सूक्ष्म कोशिकांग है। जो छोटी-छोटी पुटिकाओं के रूप में पाये जाते है। इसके चारो तरफ एक पतली झिल्ली होती है। इसका आकार बहुत छोटा और थैली जैसा होता है। इसमें ऐसे एंजाइम होते है। जिनमें जीवद्रव्य को घुला देने या नष्ट कर देने की क्षमता रहती है। कोशिकीय उपापचय में व्यवधान के कारण जब कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती है तो लाइसोसोम फट जाते है एवं इसमें मौजूद एन्जाइम अपनी ही कोशिका को पाचित कर देते है। इसके परिणामस्वरूप कोशिका की मृत्यु हो जाती है। अतः इसे ‘आत्मघाती थैली’ (suicidal bag) भी कहा जाता है।
32. राइबोसोम (Ribosomes)… बनाते हैं।
(a) वसा
(b) लिपिड
(c) प्रोटीन
(d) स्टार्च
Ans. (c) : राइबोसोम एक जटिल संरचना है जो सभी जीवित कोशिकाओं में पाये जाते हैं। ये अन्तः प्रद्रव्यी जालिका से जुड़े रहते हैं। ये हरित लवक, केन्द्रक एवं माइटोकांड्रिया में भी पाये जाते हैं। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण नामक प्रक्रिया में एमीनो एसिड से प्रोटीन बनाते हैं।
33. ‘प्रोटोप्लाज्म (Protoplasm)’ शब्द किसने गढ़ा ?
(a) जी जे मेंडल
(b) जोहान इवान्जिलिस्ट पुरकिंजे
(c) चार्ल्स डार्विन
(d) रॉबर्ट हुक
Ans. (b) : जीवद्रव्य (protoplasm) का नामकरण पुरकिंजे ने 1839 में किया था। यह एक तरल गाढ़ा, रंगहीन, पारदर्शी, लसलसा, वजन युक्त पदार्थ है। जीव की सारी जैविक क्रियाएं इसी के द्वारा सम्पन्न होती है, इसीलिए जीवद्रव्य को जीवन का भौतिक आधार कहते हैं।
34. कोशिका की एक प्रकार की अपशिष्ट निस्तारण प्रणाली है। वे किसी भी वाह्य सामग्री के साथ-साथ खराब हो चुके कोशिकांगों को पचाकर कोशिका को साफ रखने में मदद करते हैं।
(a) प्लास्टिड्स
(b) लाइसोसोम
(c) माइटोकॉन्ड्रिया
(d) गॉल्जी
Ans. (b) : लाइसोसोम कोशिका की एक प्रकार की अपशिष्ट निस्तारण प्रणाली है। लाइसोसोम का मुख्य कार्य पाचन करना होता है। यह मृत कोशिकाओं का निष्कासन करता है अर्थात अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन करता है। लाइसोसोम यूकैरियोटिक कोशिका में पाये जाते हैं। ये कोशिकांगों को पचाकर कोशिका को साफ रखने में मदद करते हैं एवं साथ ही साथ कोशिकांग को क्लांत भी करते है।
35. निम्नलिखित में से कौन सा ऑर्गेनल किसी भी बाह्य सामग्री को पचाकर कोशिका को साफ रखने में सहायक होता है, साथ ही कोशिकांग को क्लांत भी करता है?
(a) गॉल्जी अपर्टस
(b) लाइसोसोम
(c) माइटोकॉन्ड्रिया
(d) अंतः प्रर्द्रव्यी जालिका
Ans. (b): उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
36. निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है ?
(a) पादप कोशिकाओं में जंतु-कोशिकाओं की तुलना में छोटी रिक्तिकाएँ (Vacuoles) पाई जाती है।
(b) पादप कोशिकाएं सामान्यतः जंतु-कोशिकाओं से बड़ी होती हैं।
(c) जंतु-कोशिकाओं में लवक नहीं पाए जाते हैं।
(d) पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्तियाँ पाई जाती है। जबकि जंतु-कोशिकाओं में नहीं पाई जाती है।
Ans. (a):
पादप कोशिका
(i) आकार में पादप कोशिका जंतु कोशिका से बड़ी होती है।
(ii) सेलुलोज (जैसे-प्लाज्मा झिल्ली) से बनी कोशिका भित्ति उपस्थित रहती है।
(iii) पादप में रसधानी/रिक्तिका बड़ी होती है।
(iv) लवक पाए जाते है।
जंतु कोशिका :-
(i) जंतु कोशिका प्रायः आकार में छोटी होती है।
(ii) जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
(iii) जंतु कोशिका में रसधानी/ रिक्तिका बहुत छोटी और अस्थाई होती है।
(iv) लवक नहीं होते हैं।
37. इनमें से कौन सा तरल पदार्थ आंत से अवशोषित वसा को ग्रहण करता है और अतिरिक्त द्रव को अतिरिक्त कोशिकीय स्थान से वापस रक्त में ले जाता है?
(a) प्लेटलेट्स
(b) केशिकाएं
(c) प्लाज्मा
(d) लसीका
Ans. (d): लसीका एक रंग हीन द्रव है जो कोशिकाओं के चारों ओर एक पतली परत के रूप में विद्यमान रहती है। इस द्रव में विशिष्ट लिंफोसाइट होते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा अनुक्रिया के लिए उत्तरदायी होते है। लसीका पोषक पदार्थ, हार्मोन आदि का संवहन करती है। यह आंत में उपस्थित लैक्टियल वसा को अवशोषित करती है तथा अतिरिक्त द्रव को अतिरिक्त कोशिकीय स्थान से वापस रक्त में ले जाती है।
38. निम्नलिखित में से अर्धसूत्रण के लिए कौन-सा कथन सत्य नहीं है ?
(a) अर्धसूत्रण दो चरणों में होता है।
(b) अर्धसूत्रण के परिणामस्वरूप, परिणामी कोशों में गुणसूत्रों की संख्या दो गुनी हो जाती है।
(c) अर्धसूत्रण के दौरान, जनक कोशों के जीन परिणामी कोशों में मिश्रित हो जाते हैं।
(d) जनन ग्रंथि (गोनॉड) में अर्धसूत्रण युग्मक के उत्पादन के लिए होता है।
Ans. (b) अर्द्धसूत्री विभाजन जनन कोशिकाओं में होता है। यह निम्न दो चरणों में संपन्न होता है।
1. अर्द्धसूत्री-I, 2. अर्द्धसूत्री -II
अर्द्धसूत्रण के परिणामस्वरूप, परिणामी कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है। अर्द्धसूत्रण में जनकों से भिन्न गुणसूत्र होने के कारण अनुवांशिक विविधता होती है। इस विभाजन के दौरान गुणसूत्रों के बीच आनुवांशिक पदार्थों का आदान-प्रदान होता है।
39. किस कोशिकांग को कोशिका का मास्टर कहा जाता है ?
(a) एंडोप्लाज्मिक रेटिक्युलम
(b) माइटोकॉन्ड्रिया
(c) न्यूक्लिओलस
(d) नाभिक
Ans. (d) नाभिक को कोशिका का मास्टर कहा जाता है। नाभिक कोशिका के डीएनए की ब्लूप्रिंट के अवयव अपने में समाहित रखता है।
40. किसी जन्तु कोशिका में मौजूद सबसे बड़ा कोशिकांग कौन सा है ?
(a) अन्तः प्रदव्ययी जलिका
(b) नाभिक
(c) गॉल्जी काय
(d) माइटोकॉन्ड्रिया
Ans. (b) नाभिक कोशिका में उपस्थित सबसे बड़ा कोशिकांग है। नाभिक ही कोशिका की क्रियाकलापों की नियन्त्रित करता है।
41. निम्नलिखित में से किस कोशिकांग को कोशिका का प्रोटीन कारखाना कहा जाता है ?
(a) हरितलवक
(b) लाइसोसोम्स
(c) माइटोकाण्ड्रियां
(d) राइबोसोम्स
Ans. (d) राइबोसोम सजीव कोशिका के कोशिका द्रव्य में स्थित बहुत ही सूक्ष्म कण है, जिनकी प्रोटीन के संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसीलिए इसे कोशिका की प्रोटीन की फैक्ट्री कहा जाता है।
42. निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग केवल पशु कोशिका में पाया जाता है ?
(a) लाइसोसोम
(b) गाल्ज़ी बॉडीज
(c) सेंट्रोसोम
(d) राइबोसोम
Ans. (a) लाइसोसोम जन्तुओं की कोशिकाओं में मुख्यतः पाया जाता है। इसकी खोज वर्ष 1955 में डी. डुवे ने की थी। इसका प्रमुख कार्य कोशा में एण्डोसाइटोटिस द्वारा लाये गये प्रोटीन तथा अन्य पदार्थों का पाचन है। भोजन की कमी के समय लाइसोसोम साइटोप्लाज्म में स्थित प्रोटीन, लिपिड तथा कार्बोहाइड्रेट का पाचन करता है। इसी कारण इसे ‘आत्महत्या की थैली’ कहते है।
43. शरीर में लगी चोट की मरम्मत के लिए किस प्रकार के सेल विभाजन का प्रयोग किया जाता है ?
(a) केवल समसूत्रण
(b) केवल अर्धसूत्रीविभाजन
(c) माईटोसिस और मियोसिस दोनों
(d) न समसूत्रण और न ही अर्धसूत्रीविभाजन
Ans. (a) शरीर में लगी चोट की मरम्मत के लिए केवल समसूत्रण सेल विभाजन का प्रयोग किया जाता है। इसे परोक्ष कोशिका विभाजन भी कहते हैं, इस प्रकार की कोशिका विभाजन शरीर की कायिक कोशिकाओं में होता है, इस प्रकार के विभाजन में मातृ कोशिका विभाजित होकर दो समान नई संतति कोशिकाएँ बनाती है।
44. एक पशु के शरीर की सबसे बड़ी कोशिका इनमें से कौन है ?
(a) ओस्टेसाइट्स
(b) न्यूरॉन
(c) क्रोमैटोफोसर
(d) लिम्फ कोशिकाएँ
Ans. (b) जानवरों के शरीर की सबसे बड़ी कोशिका न्यूरॉन तंत्रिका है। यह तंत्रिका तंत्र में स्थित एक उत्तेजनीय कोशिका है। इस कोशिका का कार्य मस्तिष्क से सूचना का आदान प्रदान और विश्लेषण करना है। तंत्रिका कोशिका में कोशिकीय विभाजन नहीं होता है, जिससे इसके नष्ट होने पर दोबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है। किन्तु इसे स्टेम कोशिका द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है।
45. निम्नलिखित में से कौन-सा, एक कोशिका में अधिक मात्रा में होने वाला अणु है ?
(a) जल
(b) कार्बोहाइड्रेट
(c) शैवाल
(d) प्रोटीन
Ans. (a) कोशिका (cell) सजीवों के शरीर की रचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। कुछ सजीव जैसे जीवाणुओं के शरीर एक ही कोशिका के बने होते हैं, उन्हें एक कोशिकीय जीव कहते हैं, जबकि कुछ सजीव जैसे मनुष्य का शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। उन्हें बहुकोशकीय जीव कहते हैं। कोशिका के भीतर निम्नलिखित संरचनाएँ पायी जाती हैं-
(1) केन्द्रक एवं केन्द्रिका (2) जीवद्रव्य (3) गॉल्जीकाय
(4) कणाभसूत्र (5) अन्तरद्रव्यजालिका (6) गुणसूत्र
(7) राइबोसोम तथा सेन्ट्रोसोम (8) लवक।
जीव द्रव्य में जल की मात्रा लगभग 80%, प्रोटीन 15%, वसाएँ 3%, कार्बोहाइड्रेट 1% और अकार्बनिक लवण 1% होता है।
46. कोशिका सिद्धान्त निम्नलिखित में से किस पर लागू नहीं होता ?
(a) जीवाणु
(b) कवक
(c) शैवाल
(d) विषाणु
Ans. (d) स्लाइडेन तथा श्वान ने संयुक्त रूप से कोशिका सिद्धांत को प्रतिपादित किया यद्यपि इनका सिद्धांत यह बताने में असफल रहा है कि नई कोशिकाओं का निर्माण कैसे होता है। पहली बार रुडोल्फ विर्ची (1855) ने स्पष्ट किया कि कोशिका विभाजित होती है और नई कोशिकाओं का निर्माण पूर्व स्थित कोशिकाओं के विभाजन (ओमनिस सेलुला-इ-सेलुला) से होता है। इन्होंने श्लाइडेन तथा श्वान की कल्पना को रूपातंरित कर नया कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया।
– सभी जीव कोशिका व कोशिका उत्पाद से बने होते है।
– सभी कोशिकाएं पूर्व स्थित कोशिकाओं से बनी होती है।
अकोशिकीय जीव जैसे वायरस, वायरॉइड तथा प्रोसंक (प्रेऑन) पर कोशिका सिद्धांत लागू नहीं होता है।
47. निम्न को सुमेलित करें-
1. लाइसोसोम | a. पावर हाऊस |
2. डी.एन.ए. | b. गुणसूत्र |
3. माइट्रोकान्ड्रिया | c. आत्महत्या की थैली |
कूट :
(a) 1-a, 2-c, 3-b
(b) 1-c, 2-b, 3-a
(c) 1-b, 2-c, 3-a
(d) 1-c, 2-a 3-b
Ans. (b)
1. लाइसोसोम | c. आत्महत्या की थैली |
2. डी.एन.ए. | b. गुणसूत्र |
3. माइट्रोकान्ड्रिया | a. पावर हाऊस |
48. कोशिका प्रकार्यात्मक (Functional) क्रियाओं का नियंत्रण कौन करता है ?
(a) जीवद्रव्य
(b) केन्द्रिका
(c) सूत्रकणिका
(d) केन्द्रक
Ans. (d) कोशिका प्रकार्यात्मक क्रियाओं का नियंत्रण केन्द्रक करता है। कोशिका केन्द्रक में कोशिका के अधिकांश आनुवांशिक पदार्थ होते हैं, जो क्रोमोसोम बनाने के लिए हिस्टोन्स जैसे प्रोटीनो की एक विशाल विविधता के साथ कई लम्बे रैखिक डीएनए अणुओं के रूप में संगठित होते हैं। इन गुणसूत्रों के भीतर जीन कोशिका के परमाणु जीनोम है और कोशिका फंक्शन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह से संरक्षित है। नाभिक जीन की अखण्डता को बनाए रखता है और जीन की अभिव्यक्ति को नियंत्रित करके कोशिकाओं की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। इसलिए नाभिक सेल का नियंत्रक केन्द्र है।
49. सूत्री विभाजन के चरण का नाम बताएँ, जिसके दौरान विभाजित सेल के गुणसूत्र मध्य रेखा पर स्थित होते हैं?
(a) एनाफ़ेज
(c) मेटाफेज
(b) टेलोफेज
(d) प्रोफेज
RRB ALP & Tec. (14-08-18 Shift-II)
Ans. (c) सूत्री-विभाजन मुख्यतः जनन कोशिकाओं (Germ Cells) के अतिरिक्त सभी जीवित कायिक कोशिकाओं (Somatic Cells) में होता है। सूत्री विभाजन प्रक्रिया के अंतर्गत मुख्यतः एककोशिकीय जीवधारियों का जनन होता है एवं बहुकोशिकीय जीवधारियों में वृद्धि होती है। जीवधारियों में सूत्री विभाजन की प्रक्रिया निरन्तर चलती रहती है। पौधों में सूत्री विभाजन मुख्यतः विभज्योतक कोशिकाओं (meristematic cells) में होता है। ये कोशिकाएं जड़ या तने के शीर्ष पर स्थित रहती है। सूत्री विभाजन प्रक्रिया के मेटाफेज चरण (Metaphase) के दौरान विभाजित कोशिका (Dividing cell) के गुणसूत्र मध्य रेखा (Equatorial plate) पर स्थित होते हैं।