राजस्थान में कृषि
1. राजस्थान में ‘मानसून का जुआ’ किसे कहा जाता है –
(1) उद्योगों
(2) कृषि
(3) व्यापार
(4) कोई नहीं
Ans. (2)
व्याख्या पश्चिमी राजस्थान में इन्दिरा गाँधी नहर परियोजना को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कृषि मानसून पर निर्भर है। इसीलिए सम्पूर्ण देश एवं राजस्थान की कृषि को ‘मानसून का जुआ’ कहा जाता है। कुल कृषि का 65 प्रतिशत भाग खरीफ फसल के अंतर्गत आता है जो मुख्यतः वर्षा पर निर्भर है।
2. राजस्थान में …. सीजन की फसल होती है-
(1) 3
(2) 4
(3) 5
(4) 6
Ans. (1)
व्याख्या – राजस्थान में कृषि वर्ष (1 जुलाई से 30 जून) को तीन सत्रों अर्थात रबी, खरीफ, जायद में विभाजित किया गया है।
3. निम्न में कौनसी खरीफ की फसलें हैं –
(1) चावल
(2) गेहूँ
(3) बाजरा
(4) चना
(1) 1 व 4
(2) 2 व 3
(3) 1 व 3
(4) 1,2,3
Ans. (3)
व्याख्या – रबी (उनालू): चना, गेहूँ, सरसों, मसूर, जौ, जीरा, अलसी, तारामीरा, राई प्रमुख रबी फसलें है।
खरीफ (सावणु/स्यालू) : ग्रीष्मकालीन फसलें जो सामान्यतः जून में बोयी और अक्टूबर में काटी जाती है, खरीफ के अंतर्गत आती है। ज्वार, बाजरा, ग्वार, मूँग, मोठ, मक्का, मूँगफली, कपास, तिल, सोयाबीन, अरण्डी प्रमुख खरीफ फसलें है।
4. राजस्थान में ‘वालरा’ कृषि का एक प्रकार है –
(1) स्थानांतरित कृषि
(2) शुष्क कृषि
(3) आर्द्र एवं शुष्क कृषि
(4) पर्वतीय कृषि
Ans. (1)
झूमिंग कृषि (Shifting Farming] :- पहाड़ी व वन क्षेत्रों में वन एवं पेड़-पौधों को जलाकर जमीन को साफ करना तथा उस पर 2-3 वर्ष खेती करने के पश्चात् उसे छोड़कर किसी अन्य स्थान पर इसी तरह कृषि कार्य करना। आदिवासी क्षेत्रों (डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, सलूम्बर आदि) में इस कृषि को ‘वालरा’ कहते है। भीलों द्वारा पहाड़ी ढालों पर की जाने वाली खेती चिमाता तथा मैदानी भागों पर वृक्षों को जलाकर की जाने वाली खेती दाजिया (झूमटी) कहलाती है।
5. राजस्थान में शुष्क खेती उन भागों में की जाती है, जहाँ –
(1) वर्षा 50 सेमी. से कम हो (प्रतिवर्ष)
(2) अमिंग प्रणाली प्रचलित हो
(3) वर्षा 100 सेमी. होती हो (प्रतिवर्ष)
(4) वर्षा 100 सेमी. से अधिक हो (प्रतिवर्ष)
Ans. (1)
व्याख्या- शुष्क या बारीनी कृषि | Dry Farming/ में वर्षा की अल्पता (50 सेमी से कम) के कारण वर्षा जल का सुनियोजित संरक्षण व उपयोग कर कम पानी व शीघ्र पकने वाली फसलों की कृषि की जाती है। राजस्थान पश्चिमी भाग में शुष्क खेती प्रचलित है।
6. किन फसलों के उत्पादन में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है ?
(1) सरसों, चना, मोठ
(2) ईसबगोल, जीरा, ज्वार
(3) चना, मूंग, उड़द
(4) मूँग, मक्का, बाजरा
Ans. (1)
व्याख्या – बाजरा, राई, सरसों, कुल दलहन (चना, मोठ), ग्वार आदि के उत्पादन में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है।
7. निम्न में राजस्थान भारत में कौनसी फसल का सर्वाधिक उत्पादक राज्य है –
(1) मक्का
(2) मूँगफली
(3) सरसों
(4) कपास
Ans. (3)
व्याख्या – वर्तमान में सरसों उत्पादन में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है। इस फसल के प्रमुख उत्पादक जिले गंगानगर, भरतपुर, अलवर, खैरथल- तिजारा, डीग, अनूपगढ़, गंगापुरसिटी, सवाईमाधोपुर, टोंक, बारां, जयपुर (ग्रामीण), नागौर, कोटा आदि है। इस फसल की पैदावार में सर्वाधिक बढ़ोतरी हुई है।
8. इनमें से किस जिले में चावल का उत्पादन होता है?
(1) भीलवाड़ा
(2) टोंक
(3) बूँदी
(4) धौलपुर
Ans. (3)
व्याख्या – राजस्थान में प्रमुख चावल उत्पादित जिले बूँदी, हनुमानगढ़, कोटा, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर, बारां है।
9. राजस्थान के अधिकतम सोयाबीन उत्पादक जिले हैं ?
(1) जयपुर, अजमेर, नागौर
(2) कोटा, बूँदी, बारां
(3) जोधपुर, पाली, सिरोही
(4) अलवर, भरतपुर, दौसा
Ans. (2)
व्याख्या – यह फसल मुख्यतः हाड़ौती क्षेत्र यथा झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा, बूँदी आदि जिलों में बोयी जाती है। सोयाबीन के उत्पादन व क्षेत्रफल दोनों ही दृष्टि से देश में मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के बाद राजस्थान का तीसरा स्थान है।
10. राजस्थान में सन्तरा उत्पादन के लिये छोटा नागपुर के नाम से जाने वाला जिला कौन-सा है ?
(1) कोटा
(2) झालावाड़
(3) चित्तौड़गढ़
(4) उदयपुर
Ans. (2)
व्याख्या – सन्तरा उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान में झालावाड़ का प्रथम स्थान है।
11. राजस्थान का कौनसी खाद्यान्न फसल के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान है ?
(1) मक्का
(2) जौ
(3) ज्वार
(4) बाजरा
Ans. (4)
व्याख्या – राजस्थान बाजरे का देश में सबसे बड़ा उत्पादक (1/5 कृषित क्षेत्रफल) है। राजस्थान का सर्वाधिक बाजरा उत्पादक जिला अलवर है।
12. राजस्थान के किस शहर में कृषि विश्वविद्यालय है ?
(1) उदयपुर
(2) जयपुर
(3) बीकानेर
(4) टोंक
Ans. (3)
व्याख्या-स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्व-विद्यालय, बीकानेर में स्थित है।
13. ‘बजेड़ा’ किसे कहते हैं ?
(1) धान की फसल
(2) एक विशिष्ट प्रकार का गोटा
(3) पान का खेत
(4) विवाह की एक रस्म
Ans. (3)
व्याख्या – करौली-गंगापुरसिटी-सवाईमाधोपुर क्षेत्र में पान की खेती में घास-फूस के छपरे बनाए जाते हैं, जिन्हें ‘बजेड़ा/भजेड़ा’ कहते हैं।
14. राजस्थान का कौनसी खाद्यान्न फसल के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान है ?
(1) मक्का
(2) जौ
(3) ज्वार
(4) बाजरा
Ans. (4)
व्याख्या – राजस्थान बाजरे का देश में सबसे बड़ा उत्पादक (1/5 कृषित क्षेत्रफल) है। राजस्थान का सर्वाधिक बाजरा उत्पादक जिला अलवर है।
15. राजस्थान के किस शहर में कृषि विश्वविद्यालय है ?
(1) उदयपुर
(2) जयपुर
(3) बीकानेर
(4) टोंक
Ans. (3)
व्याख्या – स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्व-विद्यालय, बीकानेर में स्थित है।
16 ‘बजेड़ा’ किसे कहते हैं?
(1) धान की फसल
(2) एक विशिष्ट प्रकार का गोटा
(3) पान का खेत
(4) विवाह की एक रस्म
Ans. (3)
व्याख्या – करौली-गंगापुरसिटी-सवाईमाधोपुर क्षेत्र में पान की खेती में घास-फूस के छपरे बनाए जाते हैं, जिन्हें ‘बजेड़ा/भजेड़ा’ कहते हैं।
17. किस फसल की खेती हेतु 15 से 24 डिग्री से. तापमान एवं 100 से 200 सेमी. वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है ?
(1) कपास
(2) गन्ना
(3) चना
(4) बाजरा
Ans. (2)
व्याख्या गन्ना के लिए 100 से 200 सेमी. वर्षा तथा 15 डिग्री से 25 डिग्री से. तापमान की आवश्यकता होती है। कच्छारी, दोमट तथा लावा मिट्टी पर पैदा होने वाली इस फसल में हरी खाद, गोबर व कम्पोस्ट खाद का प्रयोग किया जाता है।
18 . राजस्थान का कौनसा जिला अधिकतम मात्रा में ‘ईसबगोल’ पैदा करता है ?
(1) झालावाड़
(2) जालोर
(3) सिरोही
(4) बूँदी
Ans. (2)
व्याख्या- राजस्थान के पश्चिमी भाग जालोर, बाड़मेर, नागौर, पाली, जोधपुर, सांचौर, फलौदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन आदि जिलों में इसकी खेती की जाती है। स्थानीय भाषा में ईसबगोल को ‘घोड़ा जीरा’ कहा जाता है।
19. राजस्थान के ईसबगोल उत्पादक जिले हैं ?
[1 Grade Teacher (GK) -11.10.2022]
(1) उदयपुर, राजसमन्द और चित्तौड़गढ़
(2) जालोर, सिरोही और झालावाड़
(3) कोटा, बूँदी और झालावाड़
(4) सवाई माधोपुर, टोंक और करौली
Ans. (2) व्याख्या: उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
20. ज्वार उत्पादक जिले हैं –
(1) गंगानगर-हनुमानगढ़
(2) अजमेर-नागौर
(3) डूंगरपुर-बाँसवाड़ा
(4) बाड़मेर-जैसलमेर
Ans. (2)
व्याख्या ज्वार शुष्क कटिबंधीय प्रदेश की इस उपज को सोस्गम तथा गरीब की रोटी भी कहा जाता है। इस फसल के लिए कम से कम 50 सेमी. वर्षा तथा 21 डिग्री से 27 डिग्री से. तापमान की आवश्यकता होती है। राज्य की अधिकांशतः ज्वार मध्य एवं पूर्वी भागों यथा- अजमेर, पाली, चित्तौड़गढ़, नागौर, बूँदी, कोटा, सवाईमाधोपुर, बारां, करौली, झालावाड़, टोंक, अलवर, ब्यावर, केकड़ी, गंगापुरसिटी, डीडवाना कुचामन एवं खैरथल तिजारा आदि जिलों में होती है।
21. राजस्थान के जिस स्थान पर सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र का लोकार्पण हुआ है, वह है-
(1) चित्तौड़गढ़
(2) राजसमंद
(3) बाँसवाड़ा
(4) दूंगरपुर
Ans. (1)
व्याख्या – चित्तौड़गढ़ में ‘बालानगर किस्म’ के सीताफल तैयार करने हेतु सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र खोलने की घोषणा की गई है।
22. राजस्थान में कृषि भूमि के स्वामित्व सम्बन्धी जानकारी हेतु कौनसी ऐप विकसित की गई है-
(1) किसान ऐप
(2) भूमि ऐप
(3) पटवारी ऐप
(4) धरा ऐप
Ans. (4)
व्याख्या-राजस्थान में धरा ऐप जमाबन्दी एवं गिरदावरी की सत्यापित व सामान्य नकल प्राप्त करने हेतु विकसित की गई है।
23 ‘बीकानेरी नरमा एवं मालवी’…. की किस्में हैं-
(1) गेहूँ
(2) कपास
(3) मक्का
(4) मूंगफली
Ans. (2)
व्याख्या – कपास की उन्नत किस्मों में बीकानेरी नरमा, गंगानगर अगेती, मालवी, वराह लक्ष्मी, वीरनार प्रमुख हैं।
24. राजस्थान के किस जिले में सर्वाधिक गेहूँ पैदा होता है ?
(1) उदयपुर
(2) जैसलमेर
(3) गंगानगर
(4) जोधपुर
Ans. (3)
व्याख्या – यह शीतोष्ण जलवायु का पौधा है। गेहूँ मुख्य रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ (वर्तमान में प्रथम), गंगानगर, अलवर, जयपुर ग्रामीण, कोटा, अनूपगढ़, खैरथल-तिजारा आदि जिलों में उगाया जाता है। राजस्थान में गेहूँ की प्रमुख किस्में मैक्सिकन सोना, कल्याण सोना, शरबती सोना, ‘ट्रीटीकम वलगेपर’ तथा कोहीनूर है।
25. निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(1) मेंहदी-सोजत
(2) लहसुन बारां
(3) ईसबगोल-जालोर
(4) किन्नू-बूंदी
Ans. (4)
व्याख्या : किन्नू, माल्टा, मौसमी का उत्पादन गंगानगर, अनूपगढ़ जिलों में होता है।
26. होहोबा क्या है ?
(1) पौधा
(2) रोग
(3) कपास की किस्म
(4) यूरोपीय व्यंजन
Ans. (1)
व्याख्या- जोजोबा/होहोबा इसका वैज्ञानिक नाम Simmondesia Chinensis है। ‘पीले सोने/डेजर्ट गोल्ड’ के नाम से प्रसिद्ध इस इजरायली झाड़ी की खेती इजराइल की सहायता से एजोर्प (Association of the Rajasthan Zozoba Plantation & Research Project) द्वारा राजस्थान के शुष्क प्रदेशों में की जा रही है।
27. इजराइल की सहायता से राजस्थान के शुष्क प्रदेशों में जिस फसल को बोया गया, वह है ?
(1) सूर्यमुखी
(2) सोयाबीन
(3) बाजरा
(4) होहोबा
Ans. (4) जोजोबा/होहोबा इसका वैज्ञानिक नाम Simmondesia Chinensis है। ‘पीले सोने/डेजर्ट गोल्ड’ के नाम से प्रसिद्ध इस इजरायली झाड़ी की खेती इजराइल की सहायता से एजोर्प (Association of the Rajasthan Zozoba Plantation & Research Project) द्वारा राजस्थान के शुष्क प्रदेशों में की जा रही है।
28. किस खुशबूदार उपज के लिए नागौर प्रसिद्ध है ?
(1) जीरा
(2) मैथी
(3) लहसुन
(4) धनिया
Ans. (2)
व्याख्या – राजस्थान में नागौर, डीडवाना-कुचामन की मैथी व पोदीना, बूँदी का बासमती चावल विशेष प्रसिद्ध है।
29. राजस्थान का वह जिला जो अब ईसबगोल, जीरा व टमाटर की उपज के लिए प्रसिद्ध है ?
(1) गंगानगर
(2) बूँदी
(3) जालौर
4) कोटा
Ans. (3)
व्याख्या – राजस्थान के जालौर, सांचौर व सिरोही जिले ईसबगोल, जीरा व टमाटर की खेती के लिए जाने जाते हैं।
30. बायो डीजल के लिए किस पौधे की खेती की जा रही है ?
(1) जट्रोफा (रतनजोत)
(2) सोनामुखी
(3) ग्वारपाठा
(4) सफेद मूसली
Ans. (1)
व्याख्या – रतनजोत : सॉफ्टवेयर क्षेत्र की नामी कंपनी आई के एफ टैक्नोलॉजी ने उदयपुर में कालरावास में रतनजोत से बायोडीजल रिफाइनरी प्लांट स्थापित किया है। यह राज्य का पहला कॉमर्शियल बायोडीजल प्लांट है। इसके साथ झामरकोटड़ा में राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लि. ने रतनजोत के बीजों से बायोडीजल प्लांट लगाया है। ज्ञातव्य है कि रतनजोत का पौधा राजस्थान के कई जिलों (राजसमंद, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर आदि) में पाया जाता है।
31. खरीफ उत्पादन में प्रमुख स्थान किस फसल का है ?
(1) चावल
(2) गेहूँ
(3) मोठ
(4) बाजरा
Ans. (1)
व्याख्या – चावल की खेती पौधरोपण विधि तथा दाने बिखेर कर दोनों प्रकार से की जाती है। राजस्थान में प्रमुख चावल उत्पादित जिले हनुमानगढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, कोटा, बूँदी, बारां तथा सलूम्बर है।
32. चम्बल’ और ‘माही सुगंधा’ किस फसल की उन्नत किस्में हैं ?
(1) चना
(2) सरसों
(3) चावल
(4) गन्ना
Ans. (3)
33. राजस्थान के किस जिले में कपास का सर्वाधिक उत्पादन होता है –
(1) अजमेर
(2) कोटा
(3) गंगापुर
(4) श्रीगंगानगर
Ans. (4)
व्याख्या कपास का सर्वाधिक मात्रा में उत्पादन क्रमशः हनुमानगढ़ (30%), गंगानगर, अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी जिले में होता है।
34. राजस्थान में अमेरिकन कपास का उत्पादन किस जिले में होता है?
(1) गंगानगर
(2) हनुमानगढ़
(3) जोधपुर
(4) बीकानेर
Ans. (1)
व्याख्या – राजस्थान में तीन प्रकार की कपास बोयी जाती है-देशी कपास (उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ तथा बाँसवाड़ा), अमरीकी कपास – बीकानेरी नरमा, गंगानगर अगेती (गंगानगर, हनुमानगढ़, बाँसवाड़ा, अनूपगढ़), मालवी कपास (कोटा, बूँदी, टोंक, बाँसवाड़ा, झालावाड़) आदि।
35. राजस्थान में मिश्रित लाल और काली मिट्टी में सामान्यतः कौन-सी फसलें उगाई जाती हैं-
(1) चावल, गन्ना
(2) मूँगफरी, सरसों
(3) कपास, मक्का
(4) गेहूँ, चना
Ans. (3)
व्याख्या – कपास फसल हेतु 50 से 100 सेमी. वर्षा तथा 20 डिग्री से 40 डिग्री से. तापमान एवं इस फसल के लिए काली तथा आर्द्रतापूर्ण मिट्टी उपयुक्त रहती है।
36. 20° से 30° C तापमान व 90 दिन पाला रहित कौनसी फसल की अच्छी गुणवत्ता के उत्पादन के लिए आवश्यक है ?
(1) गेहूँ
(2) सरसों
(3) चना
(4) कपास
Ans. (4)
37. कपास की कृषि के लिए ‘काली मिट्टी’ आदर्श मानी जाती है :-
(1) ये अधिक आर्द्रता ग्राही होती है।
(2) ये काले रंग की होती है।
(3) ये लावा से बनी होती है।
(4) ये पठारी भागों में पायी जाती है।
Ans. (1)
व्याख्या – कपास की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। काली मिट्टी आर्द्रताग्राही होने के कारण आदर्श मानी जाती है।
38. राजस्थान की प्रमुख नकदी फसल है?
(1) गैहूँ
(2) बाजरा
(3) कपास
(4) चावल
Ans. (3)
व्याख्या – नकदी फसल कपास को ग्रामीण भाषा में ‘बणीयां’ कहा जाता है।
39. राज्य में प्रमुख चना उत्पादक जिले हैं ?
(1) श्रीगंगानगर, जयपुर, अजमेर
(2) बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू
(3) हनुमानगढ़, नागौर, जोधपुर
(4) गंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर
Ans. (2)
व्याख्या – इसका उत्पादन हनुमानगढ व चूरू (सर्वाधिक), बीकानेर, जैसलमेर, गंगानगर, अलवर, कोटा, जयपुर ग्रामीण, सवाईमाधोपुर, अनूपगढ़, गंगापुरसिटी, खैरथल – तिजारा आदि जिलों में होता है। राजस्थान का चना उत्पादन में तीसरा स्थान पर है।
40. सर्वाधिक तेल किसके बीजों में पाया जाता है?
(1) मूँगफली
(2) सरसों
(3) सोयाबीन
(4) अरण्डी
Ans. (4)
व्याख्या – अरण्डी का तेल जलाने, साबुन व दवाईयाँ बनाने के काम में आता है।
41. राजस्थान में दमश्क गुलाब (चैती गुलाब) की खेती निम्न में से कहाँ होती है ?
(1) पुष्कर
(2) खमनौर
(3) ब्यावर
(4) देवगढ़
Ans. (2)
व्याख्या – चैती गुलाब की खेती राजस्थान में खमनौर (राजसमंद) व नाथद्वारा में की जाती है। हाल ही में पुष्कर में फूल मंडी विकसित की जा रही है।
42. औषधीय महत्त्व की सोनामुखी पत्तियों का निर्यात किस जिले से होता है ?
(1) उदयपुर
(2) जोधपुर
(3) हनुमानगढ़
(4) अजमेर
Ans. (2)
व्याख्या – सोनामुखी की पत्तियों का सर्वाधिक उत्पादन जोधपुर में होता है।
43. राजस्थान में भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए कौनसी फसल उगाई जाती है ?
(1) गेहूँ
(2) चावल
(3) उड़द
(4) गन्ना
Ans. (3)
व्याख्या – भूमि की उर्वरता को बढ़ाने के लिए उड़द की फसल उगाई जाती है।
44. राजस्थान में अफीम का उत्पादन किन जिलों में होता है?
(1) सिरोही, जालौर, बाड़मेर
(2) सिरोही, भीलवाड़ा, उदयपुर
(3) झालावाड़, कोटा, चित्तौड़गढ़
(4) अलवर, भरतपुर, कोटा
Ans. (3)
व्याख्या – राजस्थान के कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में अफीम की खेती की जाती है। यह एक मादक पदार्थ है जिसका उत्पादन अफीम के पौधे के फल से निकलने वाले दूध से होता है।
45. राजस्थान में मक्का की खेती के प्रमुख जिले हैं —
(1) उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़
(2) अलवर, भरतपुर, दौसा
(3) बारां, कोटा, बूँदी
(4) झुंझुनूं, अजमेर, टोंक
Ans. (1)
व्याख्या मक्का राजस्थान के दक्षिण-दक्षिणी पूर्वी क्षेत्रों में राजसमंद, उदयपुर, भीलवाड़ा, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सलूम्बर तथा शाहपुरा आदि जिलों में उत्पादित होती है। मक्का की प्रमुख किस्में माही कंचन (कृषि अनुसंधान केन्द्र बाँसवाड़ा द्वारा विकसित), नवजोत, माही धवल, विजय आदि है।
46. राजस्थान का राजकोट बीकानेर के लूणकरणसर स्थान को कहा जाता है, इसका कारण है-
(1) यहाँ सर्वाधिक मूँगफली उत्पादित होती है।
(2) यहाँ सर्वाधिक अरहर होती है।
(3) यहाँ सर्वाधिक सोयाबीन होती है।
(4) यहाँ सर्वाधिक पानी ईंजन बनाये जाते हैं।
Ans. (1)
व्याख्या – लूणकरणसर (बीकानेर) मूँगफली उत्पादन के कारण ‘राजस्थान का राजकोट’ कहलाता है। गुजरात के बाद राजस्थान का देश में दूसरा स्थान है। मूँगफली की किस्मों में चन्द्रा, RG-141, RSB-87, RS-1 प्रमुख है।
47. निम्न जिलों में से कौन-सा एक राजस्थान में गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक है ?
(1) जोधपुर
(2) गंगानगर
(3) बूँदी
(4) सिरोही
Ans. (2)
व्याख्या – गन्ना के क्षेत्रफल एवं उत्पादकता की दृष्टि से अग्रणी जिले – गंगानगर, चित्तौड़गढ़, बूँदी, अनूपगढ़
48. दुर्गापुर केसर एक प्रसिद्ध किस्म है-
(1) धनिये की
(2) जीरे की
(3) तरबूज की
(4) खजूर की
Ans. (3)
व्याख्या – दुर्गापुर केसर : इस किस्म का विकास उदयपुर विश्वविद्यालय के सब्जी अनुसंधान केन्द्र दुर्गापुरा जयपुर, राजस्थान द्वारा किया गया है। तरबूज़ की अन्य किस्में : शुगर बेबी, आशायी यामातो, न्यू हेम्पशायर मिडगट, पूसा बेदाना, अर्का ज्योति, अर्का मानिक, डब्लु – 011
49. राजस्थान में कितने कृषि विज्ञान केन्द्र हैं ?
(1) 28
(2) 34
(3) 42
(4) 45
Ans. (4)
व्याख्या – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार राजस्थान में कृषि विज्ञान केन्द्र 47 है।
50. भारत की प्रथम जैतून रिफायनरी स्थित है ?
(1) लूणकरणसर
(2) सरदारशहर
(3) मण्डोर
(4) देशनोक
Ans. (1)
व्याख्या – देश की प्रथम जैतून तेल रिफानरी राजस्थान में 3 अक्टूबर, 2014 को बीकानेर के लूणकरणसर में स्थापित की गई। इस रिफाइनरी से उत्पादित जैतून का तेल ‘राज जैतून तेल’ ब्राण्ड नाम से चिह्नित किया गया।
51. निम्न में से किसे राजस्थान का पहला जैविक कृषि जिला घोषित किया गया है ?
(1) बाँसवाड़ा
(2) पाली
(3) डूंगरपुर
(4) उदयपुर
Ans. (3)
व्याख्या – कृषि विभाग ने जैविक उर्वरकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए डूंगरपुर को पूर्ण जैविक खेती वाला जिला बनाने का लक्ष्य तय किया है। ज्ञातव्य है कि प्रथम जैविक गाँव जयपुर के निकट दादिया है।
52. राजस्थान जमींदारी और बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम किस वर्ष में पारित किया गया ?
(1) 1951
(2) 1955
(3) 1953
(4) 1959
Ans. (4)
व्याख्या राजस्थान जमींदारी तथा बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959 को 1 नवम्बर, 1959 से प्रवृत्त किया गया। इस अधिनियम की धारा 55 के अनुसार जिस काश्तकार द्वारा सरकारी जमीन में किसी अधिकार के अनुसरण में खेती की जाती थी, उसे खातेदारी अधिकार प्रदान किये गये।
53. सरकार ने राजस्थान जागीर उन्मूलन अधिनियम किस वर्ष पारित किया था-
(1) 1952 में
(2) 1925 में
(3) 1962 में
(4) 1972 में
Ans. (1)
व्याख्या – राजस्थान जागीर उन्मूलन अधिनियम 1952 की राष्ट्रपति से अनुमति 13 फरवरी, 1953 को प्राप्त हुई। यह अधिनियम जागीर भूमियों के पुनर्ग्रहन तथा भूमि सुधारों के अन्य उपायों के लिए उपबन्ध करने हेतु बनाया गया।
54. राजस्थान काश्तकारी अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ था ?
(1) 1959
(2) 1952
(3) 1949
(4) 1955
Ans. (4)
व्याख्या – राजस्थान काश्तकारी अधिनियम दिनांक 15 अक्टूबर 1955 से लागू हुआ। इसका विस्तार संपूर्ण राजस्थान राज्य में है। आबू, अजमेर और सुनेल क्षेत्र के लिए यह 15 जून 1958 से लागू हुआ।
55. राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड (RSSCL) की स्थापना राष्ट्रीय बीज परियोजना के तहत … में की गई थी-
(1) 1978
(2) 1987
(3) 2019
(4) 2001
Ans. (1)
व्याख्या – राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड (RSSCL) की स्थापना 1978 में अधिसूचित किस्मों के बीजों का उत्पादन, भण्डारण एवं संरक्षण हेतु की गई।
56. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का शुभारंभ….. को हुआ था
(1) 1 जुलाई, 2015
(2) 1 जुलाई, 2013
(3) 1 जून, 2012
(4) 1 मई, 2011
Ans. (1)
व्याख्या – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पी.एम.के.एस.वाई.) – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत वर्तमान में संचालित योजनाओं का समावेश किया गया है जैसे- त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (ए.आई.बी.पी.), समन्वित जलग्रहण प्रबन्ध कार्यक्रम (आई.डबल्यू.एम.पी.) तथा ऑन फॉर्म जल प्रबन्ध (ओ.एफ. डब्ल्यू.एम.) आदि। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पूरे राज्य में 1 जुलाई 2015 से क्रियान्वित की जा रही है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का वित्त पोषण पैटर्न केन्द्रीयांश एवं राज्यांश के बीच अनुपात क्रमशः 60:40 हैं।
57. नेशनल बाँस मिशन के अंतर्गत कौनसा जिला शामिल नहीं हैं ?
(1) करौली
(2) भीलवाड़ा
(3) जालौर
(4) बाँसवाड़ा
Ans. (3)
व्याख्या :
राष्ट्रीय कृषि वानिकी एवं बम्बू मिशन (एन.ए.बी.एम.) – इस मिशन के अन्तर्गत बाँस की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के करौली, सवाई माधोपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, बाराँ, झालावाड़, भीलवाड़ा, राजसमंद एवं प्रतापगढ़ जिलों को सम्मिलित किया गया है।
58. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत राजस्थान को केन्द्रीय सहायता के रूप में भारत सरकार का प्रतिशत योगदान बताइये-
(1) 60%
(2) 75%
(3) 80%
(4) शत प्रतिशत
Ans. (1)
व्याख्या- 2007-08 में प्रारम्भ राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का वित्त पोषण पैटर्न केन्द्रीयांश एवं राज्यांश के बीच अनुपात क्रमशः 60:40 हैं।
59. राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन के अन्तर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा उप-मिशन सम्मिलित किया गया है ?
(1) पशुपालन
(2) स्वास्थ्य प्रबन्धन
(3) सहकारी खेती
(4) मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन
Ans. (4)
व्याख्या – राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन (एन.एम.एस.ए.) भारत सरकार द्वारा पूर्व में संचालित चार योजनाओं- राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन, राष्ट्रीय जैविक खेती परियोजना, राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता प्रबन्ध परियोजना तथा वर्षा आधारित क्षेत्र विकास कार्यक्रम का समावेश कर एक नया कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि सतत् मिशन (राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन), वर्ष 2014-15 से क्रियान्वित किया जा रहा है। वर्ष 2015-16 में इसके वित्त पोषण हेतु केन्द्रीयांश एवं राज्यांश का अनुपात 60:40 है। राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन के अन्तर्गत
तीन सब-मिशन सम्मिलित किए गए हैं –
1. वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (आर.ए.डी.)
2. कृषि वानिकी पर उप मिशन (एस.एम.ए.एफ.)
3. मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड
60. राजस्थान के कितने जिलों में राष्ट्रीय बागवानी मिशन क्रियान्वित किया जा रहा है-
(1) 32
(2) 28
(3) 24
(4) 16
Ans. (3)
व्याख्या : राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एन.एच.एम.) – राज्य के चयनित 24 जिले क्रमशः जयपुर, अजमेर, अलवर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बाराँ, झालावाड़, जोधपुर, पाली, जालौर, बाड़मेर, नागौर, बाँसवाड़ा, टोंक, करौली, सवाई माधोपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, बूँदी, झुंझुनूं, सिरोही, जैसलमेर एवं गंगानगर में विभिन्न उद्यानिकी फसलों यथा- फल, मसाला एवं फूलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि की गई है।
61. APMC अधिनियम राजस्थान में किस उद्देश्य से लागू किया गया?
(1) निर्यात को सुविधा देने के लिए
(2) आयात को सुविधा देने के लिए
(3) कृषि उत्पादों के विपणन को सुविधा देने के लिए
(4) कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए
Ans. (3)
व्याख्या राज्य में कृषि उत्पादों के विपणन को सुविधा देने के लिए राजस्थान कृषि उपज विपणन समिति (APMC) अधिनियम द्वारा निजी ई मार्केट द्वारा राज्य की सभी मण्डियों को संचालित किया जायेगा।
62. मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना, राजस्थान में 2018-19 के अन्तर्गत निम्न में लागू की गयी है-
(1) कोटा, भीलवाड़ा एवं उदयपुर जिले
(2) राज्य के दस कृषि जलवायु क्षेत्र
(3) अलवर, भरतपुर एवं गंगानगर जिले
(4) मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश
Ans. (2)
व्याख्या – मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषकों द्वारा स्वयं के खेतों में अच्छी किस्म के गेहूँ, जौ, चना, ज्वार, सोयाबीन, मूंग, मोठ, मूंगफली एवं उड़द की 10 वर्ष तक की पुरानी किस्सों के बीज निर्माण को बढ़ाना है। प्रारम्भ में इसका क्रियान्वयन बीज राज्य के तीन कृषि जलवायुविक खण्डों यथा- कोटा, भीलवाड़ा तथा उदयपुर में किया गया। वर्ष 2018-19 से योजना राज्य के समस्त 10 कृषि जलवायुविक खण्डों में क्रियान्वित की जा रही है।
63. राजस्थान में कृषि उपज मण्डी अधिनियम कब पारित किया गया –
(1) 1962 ई.
(2) 1960 ई
(3) 1963 ई.
(4) 1961 ई.
Ans. (4)
व्याख्या- राजस्थान कृषि उपज मण्डी अधिनियम 1961 में पारित किया गया तथा इसमें संशोधन विधेयक 2015 में पारित किया गया।
64. निम्न में से क्या राजस्थान की हरित क्रांति से संबंधित नहीं है ?
(1) उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग घटना
(2) सहकारी ऋण सुविधाओं का बढ़ना
(3) सकल कृषि क्षेत्र को बढ़ना
(4) HYV बीजों का उपयोग बढ़ना
Ans. (1)
व्याख्या – ‘हरित क्रान्ति’ नाम 1958 में एक अमेरिकी विलियम गैड (William Gadd) द्वारा दिया गया था इसका जन्मदाता नार्मन ई. बोरलॉग को माना जाता है। भारत में कृषि में क्रान्ति की शुरुआत वास्तव में 1960 में नार्मन ई. बोरलॉग द्वारा मेक्सिको में प्रयोग में लायी गयी गेहूँ की उन्नत प्रजाति के बीज के साथ होती है। इन्होंने गेहूँ की प्रसिद्ध प्रजाति लर्मा रोजो (Lerma Rojo 64A) तथा सोनारा 64 विकसित किया जिसके कारण ही भारत में हरित क्रान्ति आयी। हरित क्रान्ति की शुरुआत भारत में 1966 में खरीफ फसल से हुयी।
65. ‘खसरा’ सम्बन्धित है –
(1) भूमि का क्षेत्र
(2) राजकीय कर
(3) सार्वजनिक भवन
(4) धार्मिक कर
Ans. (1)
व्याख्या : किसानों से जुड़ा एक कानूनी दस्तावेज होता है जिसमें किसी गाँव के जमीन के किसी टुकड़े और उस पर उगाई जा रही फसलों का ब्यौरा लिखा होता है। इसका इस्तेमाल खसरा नाम के दस्तावेज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे गाँव का नक्शा एवं सारी जमीन का ब्यौरा होता है।