भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes)

Physical and Chemical Changes

 Physical and  Chemical  Change 

भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

इससे पहले हम पदार्थ के बारे में पढ़ चुके है | कि पदार्थ हमारे आसपास की वे सभी वस्तुयें होती है जो स्थान घेरती है, जिनमें आयतन एवं द्रव्यमान होता है |   पदार्थ के अंदर सामान्यतया दो प्रकार के परिवर्तन Chemical and Physical Change रासायनिक एवं भौतिक परिवर्तन देखने को मिलते है | जिनके बारे में आज हम जानकारी प्राप्त करेंगे | इससे पहले हमें यह जानना होगा की पदार्थ के भौतिक और रासायनिक गुण कौनसे होते है | 

पदार्थ (Matter) के भौतिक गुण – भौतिक गुणधर्म वे गुणधर्म जिन्हें पदार्थ की पहचान या संघटन में परिवर्तन किए बिना मापा जा सकता है उन्हें भौतिक गुण कहते हैं। जैसे रंग, गंध, गलनांक, क्वथनांक, घनत्व इत्यादि।

पदार्थ के रासायनिक गुण – रासायनिक गुणधर्म वे गुणधर्म जिनके मापन में रासायनिक परिवर्तन होता है, उन्हें रासायनिक गुणधर्म कहते हैं। ऑक्सीकरण अवस्था, आयनिक अवस्था, अपचायक एवं ऑक्सीकारक गुण धर्म आदि |  

1. भौतिक परिवर्तन (Physical Change)

पदार्थों में होने वाला वह परिवर्तन जिसमें केवल भौतिक गुण में परिवर्तन होते है। रासायनिक अपरिवर्तित रहते है। भौतिक परिवर्तन (Physical Change) कहलाता है।

भौतिक परिवर्तन के गुण (Properties of Physical Change) 

  •  पदार्थ के केवल भौतिक गुणों जैसे – अवस्था, रंग, गंध आदि में परिवर्तन होता है।
  •  परिवर्तन का कारण हटने के बाद पुनः मूल पदार्थ प्राप्त हो जाता है।
  •  यह अस्थाई परिवर्तन होता है।
  •  इसमें कोई नया पदार्थ प्राप्त नही होता है।

उदाहरण –

1. जल का बर्फ में बदलना।
2. जल का वाष्प में बदलना।
3. लोहे का चुम्बक बनना।
4. नौसादर का उध्र्वपातन।
5. शक्कर का पानी में विलेय होना।
6. पत्थर को ताडना।
7. दीवार में कील गाडना ।
8. मूली की सलाद बनाना।
9. सोने के आभूषण बनाना।
10. मोमबत्ती का पिघलना।

11. ईंट व पथर को तोडना | 

12. नमक में पानी मिलाना | 

13. पानी एवं चीनी का विलयन बनाना | यह चासनी से चीनी तैयार करना | 

2. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change) 

पदार्थों में होने वाला वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ के रासायनिक गुण बदल जाते है ।रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।

रासायनिक परिवर्तन के गुण (Properties of Chemical Change)

  •  इस परिवर्तन के दौरान बनने वाले पदार्थ रासायनिक गुणों एवं संघटन में प्रारम्भिक पदार्थ से पूर्तणया भिन्न होता है।
  • सामान्यतया पुनः प्रारम्भिक पदार्थ प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
  •  यह स्थायी परिवर्तन होता है ।
  • इसमें सदैव एक नया पदार्थ प्राप्त होता है।

जैसे:-
1. दूध का दही में बदलना।
2. लौहे पर जंग का लगना।
3. किसी वस्तु को जलाना।
4. जीवों में वृद्धि होना।
5. भोजन का पाचन होना।
6. बैंगन का भडता बनाना।
7. सेब को काटने पर भूरा हो जाना।

8. बालकों में वृद्धि एवं विकास का होना | 

9. फलों का पकना | 

10. भोजन को पकाना |

11. खाने का सड़ना | 

12. रोटी बनाना | 

13. केंचुए के द्वारा वर्मी खाद्य तैयार करना | 

नोट:- मोमबत्ती का जलना भौतिक एवं रासायनिक दोनों परिवर्तनोें का उदाहरण हैै। क्योंकि मोमबत्ती जलते समय पिघलती भी रहती है | इसलिए इसमें भौतिक एवं रसायनिक दोनों प्रकार का परिवर्तन होता है | 

भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में मुख्य अंतर

गुण भौतिक परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन
नया पदार्थ नहीं बनता बनता है
प्रकृति अस्थाई (Temporary) स्थाई (Permanent)
उत्क्रमणीयता उत्क्रमणीय (Reversible) अनुत्क्रमणीय (Irreversible)
द्रव्यमान द्रव्यमान में बदलाव नहीं आता द्रव्यमान में बदलाव आ सकता है

 

महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न

1. लोहे पर जंग लगना (Rusting) किस प्रकार का परिवर्तन है ?

(A) भौतिक परिवर्तन

(B) रासायनिक परिवर्तन

(C) उपर्युक्त दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B)

व्याख्या: लोहे पर जंग लगना एक रासायनिक क्रिया है जिसमें लोहा, ऑक्सीजन और नमी के साथ क्रिया करके ‘आयरन ऑक्साइड’ बनाता है। यह एक नया पदार्थ है।

2. मोमबत्ती का जलना (Burning of Candle) उदाहरण है:

(A) केवल भौतिक परिवर्तन का

(B) केवल रासायनिक परिवर्तन का

(C) भौतिक एवं रासायनिक दोनों परिवर्तनों का

(D) केवल अवस्था परिवर्तन का

उत्तर: (C)

व्याख्या: मोम का पिघलना एक भौतिक परिवर्तन है (क्योंकि पिघली मोम वापस जम सकती है), जबकि धागे का जलना और मोम का वाष्प बनकर जलना रासायनिक परिवर्तन है।

3. जल का वाष्प में बदलना (Evaporation) कहलाता है:

(A) रासायनिक

(B) भौतिक

(C) जैविक

(D) उत्क्रमणीय रासायनिक

उत्तर: (B)

व्याख्या: जल से वाष्प बनना केवल अवस्था परिवर्तन है। वाष्प को ठंडा करके पुनः जल प्राप्त किया जा सकता है, अतः यह भौतिक परिवर्तन है।

4. निम्न में से कौन सा एक रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?

(A) बर्फ का पिघलना

(B) तांबे के तारों को खींचना

(C) दूध से दही बनना

(D) जल में चीनी का घुलना

उत्तर: (C)

व्याख्या: दूध से दही बनना किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया है। दही के गुण दूध से अलग होते हैं और इसे पुनः दूध में नहीं बदला जा सकता।

5. मैग्नीशियम के रिबन को जलाने पर बनने वाली सफेद राख क्या है?

(A) Magnesium Oxide

(B) Magnesium Chloride

(C) Magnesium Carbonate

(D) Magnesium Sulphate

उत्तर: (A)

व्याख्या: 2Mg + O2 → 2MgO यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि एक नया यौगिक ‘मैग्नीशियम ऑक्साइड’ बनता है।

6. कच्चे फलों का पकना किस श्रेणी में आता है?

(A) भौतिक परिवर्तन

(B) रासायनिक परिवर्तन

(C) उत्क्रमणीय परिवर्तन

(D) कोई परिवर्तन नहीं

उत्तर: (B)

व्याख्या: फल पकने के बाद उनके रासायनिक संगठन (स्वाद, गंध, एंजाइम) बदल जाते हैं और पके फल को वापस कच्चा नहीं किया जा सकता।

7. क्रिस्टलीकरण (Crystallization) किसका उदाहरण है?

(A) रासायनिक परिवर्तन

(B) भौतिक परिवर्तन

(C) जैविक परिवर्तन

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B)

व्याख्या: किसी विलयन से शुद्ध पदार्थ के क्रिस्टल प्राप्त करना भौतिक परिवर्तन है क्योंकि पदार्थ के रासायनिक गुण नहीं बदलते।

8. लोहे पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया (Galvanization) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) लोहे को सुंदर बनाना

(B) लोहे को जंग से बचाना

(C) लोहे को कठोर बनाना

(D) लोहे की चालकता बढ़ाना

उत्तर: (B)

व्याख्या: जस्तीकरण (Galvanization) एक रासायनिक सुरक्षा विधि है जो लोहे को ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से रोकती है।

9. भोजन का पाचन (Digestion of Food) एक:

(A) भौतिक परिवर्तन है

(B) रासायनिक परिवर्तन है

(C) दोनों हैं

(D) भौतिक प्रक्रिया है

उत्तर: (B)

व्याख्या: पाचन के दौरान जटिल खाद्य पदार्थ एंजाइमों की सहायता से सरल अणुओं में टूट जाते हैं, जो एक नई रासायनिक संरचना होती है।

10. बादलों का बनना (Cloud Formation) कैसा परिवर्तन है?

(A) भौतिक

(B) रासायनिक

(C) अपघटन

(D) ऑक्सीकरण

उत्तर: (A)

व्याख्या: यह संघनन (Condensation) की प्रक्रिया है, जहाँ जलवाष्प वापस द्रव बूंदों में बदल जाती है।

11. निम्नलिखित में से कौन सा ‘उत्क्रमणीय’ (Reversible) परिवर्तन है?

(A) लोहे पर जंग लगना

(B) दूध का फटना

(C) घी का पिघलना

(D) लकड़ी का जलना

उत्तर: (C)

व्याख्या: घी को गर्म करने पर वह पिघल जाता है और ठंडा करने पर वापस ठोस अवस्था में आ जाता है।

12. ‘किण्वन’ (Fermentation) की प्रक्रिया उदाहरण है:

(A) भौतिक परिवर्तन का

(B) रासायनिक परिवर्तन का

(C) नाभिकीय परिवर्तन का

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B)

व्याख्या: सूक्ष्मजीवों द्वारा शर्करा को अल्कोहल या एसिड में बदलना एक स्थायी रासायनिक बदलाव है।

13. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) किस प्रकार का परिवर्तन है?

(A) भौतिक

(B) रासायनिक

(C) यांत्रिक

(D) प्राकृतिक भौतिक

उत्तर: (B)

व्याख्या: पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में CO2 और जल से ग्लूकोज बनाते हैं, जो एक जटिल रासायनिक अभिक्रिया है।

14. फिटकरी द्वारा गंदे पानी को साफ करना कहलाता है:

(A) अवक्षेपण

(B) स्कंदन

(C) वाष्पीकरण

(D) शोधन

उत्तर: (B)

व्याख्या: फिटकरी गंदगी के कणों को भारी करके नीचे बैठा देती है (Coagulation), यह एक भौतिक-रासायनिक प्रक्रिया है लेकिन इसे मुख्यतः रासायनिक गुणों में गिना जाता है।

15. कागज का फाड़ना और कागज का जलना क्रमशः हैं:

(A) रासायनिक, भौतिक

(B) भौतिक, रासायनिक

(C) दोनों भौतिक

(D) दोनों रासायनिक

उत्तर: (B)

व्याख्या: कागज फाड़ने पर नया पदार्थ नहीं बनता (भौतिक), जलने पर राख और गैस बनती है (रासायनिक)।

16. अंतःश्वसन (Inspiration) के दौरान ऑक्सीजन का हीमोग्लोबिन से जुड़ना है:

(A) भौतिक परिवर्तन

(B) रासायनिक परिवर्तन

(C) कोई परिवर्तन नहीं

(D) केवल विसरण

उत्तर: (B)

व्याख्या: यह ‘ऑक्सीहीमोग्लोबिन’ नामक एक अस्थायी लेकिन रासायनिक यौगिक बनाता है।

17. शुष्क बर्फ (Dry Ice – ठोस CO2) का गैसीय अवस्था में बदलना क्या कहलाता है?

(A) उर्ध्वपातन (Sublimation)

(B) संघनन

(C) वाष्पीकरण

(D) विसरण

उत्तर: (A)

व्याख्या: ठोस का सीधे गैस में बदलना उर्ध्वपातन है और यह एक भौतिक परिवर्तन है।

18. सिल्वर (चाँदी) के बर्तनों का काला पड़ना उदाहरण है:

(A) भौतिक परिवर्तन का

(B) अपचयन का

(C) संक्षारण (Corrosion) का

(D) जल अपघटन का

उत्तर: (C)

व्याख्या: चाँदी हवा में मौजूद सल्फर के साथ क्रिया करके ‘सिल्वर सल्फाइड’ की काली परत बनाती है, जो एक रासायनिक परिवर्तन है।

19. चूने के पानी का दूधिया (Milky) होना किस गैस के कारण होता है?

(A) Oxygen

(B) Nitrogen

(C) Carbon Dioxide

(D) Hydrogen

उत्तर: (C)

व्याख्या: Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O कैल्शियम कार्बोनेट बनने के कारण पानी दूधिया हो जाता है।

20. ‘पेड़ को काटना’ किस प्रकार का परिवर्तन माना जाता है?

(A) भौतिक परिवर्तन

(B) रासायनिक परिवर्तन

(C) जैविक परिवर्तन

(D) अवांछित परिवर्तन

उत्तर: (A)

व्याख्या: पेड़ों के काटने से लकड़ी के रासायनिक गुणों में बदलाव नहीं आता, केवल उसका आकार और स्थिति बदलती है।

 

21. कथन (A): लोहे की कुल्हाड़ी को नम वायु में रखने पर उस पर भूरे रंग की परत जम जाती है।

कारण (R): लोहे पर जंग लगना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसे रगड़कर साफ किया जा सकता है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

उत्तर: (C)

व्याख्या: कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। लोहे पर जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें ‘आयरन ऑक्साइड’ नामक नया पदार्थ बनता है।

22. कथन (A): मोमबत्ती का जलना भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तनों का मिश्रण है।

कारण (R): मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन है, जबकि धागे का जलना रासायनिक परिवर्तन है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: दोनों सही हैं और कारण स्पष्ट करता है कि क्यों इसे दोनों प्रकार का परिवर्तन माना जाता है।

23. कथन (A): जल का बर्फ में बदलना एक उत्क्रमणीय (Reversible) परिवर्तन है।

कारण (R): भौतिक परिवर्तनों में पदार्थ के मूल रासायनिक गुणों में कोई बदलाव नहीं होता है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: बर्फ को वापस जल में बदला जा सकता है और H2O का रासायनिक सूत्र समान रहता है।

24. कथन (A): मैग्नीशियम रिबन को जलाने पर निकलने वाली सफेद राख को पुनः मैग्नीशियम में नहीं बदला जा सकता।

कारण (R): मैग्नीशियम का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: जलने की प्रक्रिया में ऑक्सीजन के साथ क्रिया होकर नया पदार्थ (Magnesium Oxide) बनता है जिसे वापस मूल रूप में नहीं लाया जा सकता।

25. कथन (A): समुद्री जहाजों के निचले हिस्से पर बार-बार पेंट करना पड़ता है।

कारण (R): समुद्री जल में लवण (Salt) की उपस्थिति जंग लगने की प्रक्रिया को तेज कर देती है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: खारा पानी जंग (Corrosion) की गति को बढ़ा देता है, इसलिए सुरक्षा के लिए पेंट आवश्यक है।

26. कथन (A): लकड़ी को टुकड़ों में काटना एक रासायनिक परिवर्तन है।

कारण (R): लकड़ी को काटने के बाद उसे दोबारा जोड़कर मूल पेड़ नहीं बनाया जा सकता।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (D)

व्याख्या: कथन गलत है। लकड़ी काटना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि लकड़ी के गुण नहीं बदलते। कारण सही है कि उसे जोड़ा नहीं जा सकता, लेकिन केवल ‘अनुत्क्रमणीय’ (Irreversible) होने से कोई चीज रासायनिक नहीं हो जाती।

27. कथन (A): गैल्वनीकरण (Galvanization) प्रक्रिया में लोहे पर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाई जाती है।

कारण (R): जस्ता, लोहे की तुलना में वायु और नमी के प्रति अधिक प्रतिरोधी होता है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: जिंक की परत लोहे को ऑक्सीजन के सीधे संपर्क से बचाती है, जिससे जंग नहीं लगता।

28. कथन (A): कपूर (Camphor) को खुला छोड़ने पर वह गायब हो जाता है।

कारण (R): कपूर का वाष्पीकरण एक रासायनिक परिवर्तन है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (C)

व्याख्या: कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। कपूर का ठोस से सीधा गैस बनना ‘उर्ध्वपातन’ (Sublimation) कहलाता है, जो कि एक भौतिक परिवर्तन है।

29. कथन (A): फलों को काटकर रखने पर उनका रंग भूरा हो जाता है।

कारण (R): सेब या आलू में मौजूद एंजाइम हवा की ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके नए रंगीन यौगिक बनाते हैं।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (A)

व्याख्या: यह एक रासायनिक परिवर्तन (Oxidation) है, जिसके कारण फल की सतह का रंग बदल जाता है।

30. कथन (A): रसोई गैस (LPG) का सिलेंडर से बाहर निकलना और फिर बर्नर में जलना, दोनों रासायनिक परिवर्तन हैं।

कारण (R): गैस का रिसाव एक भौतिक परिवर्तन है, जबकि उसका जलना एक रासायनिक परिवर्तन है।

(A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

(B) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।

(D) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

 

उत्तर: (D)

व्याख्या: कथन गलत है क्योंकि सिलेंडर से गैस का बाहर निकलना केवल दबाव में बदलाव (Physical) है। कारण सही है कि जलना रासायनिक परिवर्तन है।

 

प्रश्न 31. सूची-I (प्रक्रिया) को सूची-II (परिवर्तन का प्रकार) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (प्रक्रिया) सूची-II (परिवर्तन का प्रकार)
(A) दूध से पनीर बनना (1) भौतिक परिवर्तन
(B) सोने के आभूषणों का पिघलना (2) रासायनिक परिवर्तन
(C) प्रकाश संश्लेषण (3) उत्क्रमणीय भौतिक परिवर्तन
(D) रबर बैंड को खींचना (4) अनुत्क्रमणीय रासायनिक परिवर्तन

सही उत्तर: A-4, B-1, C-2, D-3

उत्तर की विस्तृत व्याख्या (Detailed Explanation):

  • (A) दूध से पनीर बनना (A-4): यह एक अनुत्क्रमणीय रासायनिक परिवर्तन है। जब दूध में अम्ल (जैसे नींबू या सिरका) डाला जाता है, तो दूध के प्रोटीन की संरचना बदल जाती है और पनीर बनता है। एक बार पनीर बन जाने के बाद उसे वापस दूध में नहीं बदला जा सकता, इसलिए यह ‘अनुत्क्रमणीय’ (Irreversible) है।

  • (B) सोने के आभूषणों का पिघलना (B-1): यह एक भौतिक परिवर्तन है। सोना पिघलने पर केवल अपनी ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में बदलता है। इसके रासायनिक गुणों (सोने के परमाणुओं) में कोई बदलाव नहीं आता। इसे ठंडा करने पर वापस ठोस सोना प्राप्त किया जा सकता है।

  • (C) प्रकाश संश्लेषण (C-2): यह एक रासायनिक परिवर्तन है। पौधे सूर्य के प्रकाश, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड की मदद से अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं। यहाँ नए पदार्थ का निर्माण होता है, इसलिए यह शुद्ध रूप से रासायनिक प्रक्रिया है।

  • (D) रबर बैंड को खींचना (D-3): यह एक उत्क्रमणीय भौतिक परिवर्तन है। रबर बैंड को खींचने पर केवल उसका आकार बदलता है। जैसे ही खिंचाव (Force) हटाया जाता है, वह वापस अपनी मूल स्थिति में आ जाता है। इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता।


प्रश्न 32. सूची-I (उदाहरण) को सूची-II (मुख्य घटना) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (उदाहरण) सूची-II (मुख्य घटना)
(A) लोहे पर जंग (1) उर्ध्वपातन
(B) कोयले का जलना (2) ऑक्सीकरण
(C) आयोडीन का गरम होना (3) संघनन
(D) ओस की बूंदों का बनना (4) रासायनिक दहन

सही उत्तर: A-2, B-4, C-1, D-3

व्याख्या (Concept Clarity):

  • (A) लोहे पर जंग (A-2) : जब लोहा ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आता है, तो एक रासायनिक अभिक्रिया होती है जिसे ऑक्सीकरण कहते हैं। इससे लोहे की सतह पर भूरे रंग की परत (Hydrated Iron Oxide) जम जाती है।

  • (B) कोयले का जलना (B-4): कोयला (कार्बन) ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलकर CO2 और ऊष्मा प्रदान करता है। किसी पदार्थ का ऑक्सीजन के साथ जलकर ऊर्जा देना रासायनिक दहन कहलाता है।

  • (C) आयोडीन का गरम होना (C-1): कुछ ठोस पदार्थ गरम करने पर बिना द्रव में बदले सीधे गैस बन जाते हैं, इस घटना को उर्ध्वपातन कहते हैं। आयोडीन के अलावा कपूर और नेफ्थलीन भी इसके उदाहरण हैं।

  • (D) ओस की बूंदों का बनना (D-3): रात में हवा की जलवाष्प ठंडी होकर द्रव (पानी) में बदल जाती है। गैस का द्रव में बदलना संघनन कहलाता है, जो एक भौतिक परिवर्तन है।


प्रश्न 33. सूची-I को सूची-II (अवस्था परिवर्तन) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) बर्फ का जमना (1) द्रव का गैस में बदलना
(B) वाष्पीकरण (2) गैस का सीधे ठोस में बदलना
(C) निक्षेपण (Deposition) (3) द्रव का ठोस में बदलना
(D) गलन (Melting) (4) ठोस का द्रव में बदलना

सही उत्तर: A-3, B-1, C-2, D-4

व्याख्या:

  • (A) बर्फ का जमना (Freezing): जब पानी (द्रव) अपनी ऊष्मा खोकर ठोस अवस्था में बदलता है, तो उसे जमना कहते हैं। यह द्रव से ठोस का रूपांतरण है।

  • (B) वाष्पीकरण (Evaporation): जब कोई द्रव (जैसे पानी) गर्म होकर गैस (वाष्प) में बदलता है, तो उसे वाष्पीकरण कहते हैं। यह द्रव से गैस का रूपांतरण है।

  • (C) निक्षेपण (Deposition): यह उर्ध्वपातन (Sublimation) का ठीक उल्टा है। इसमें कोई गैस बिना द्रव बने सीधे ठोस में बदल जाती है (जैसे पाला पड़ना)। यह गैस से ठोस का रूपांतरण है।

  • (D) गलन (Melting): जब कोई ठोस (जैसे बर्फ या धातु) ऊष्मा पाकर द्रव में बदल जाता है, तो उसे गलन या फ्यूजन कहते हैं। यह ठोस से द्रव का रूपांतरण है।


प्रश्न 34. सूची-I (दैनिक जीवन के उदाहरण) को सूची-II (गुण) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) तांबे के बर्तन पर हरा रंग (1) किण्वन (Fermentation)
(B) गन्ने के रस से सिरका (2) संक्षारण (Corrosion)
(C) शक्कर का पानी में घुलना (3) अवस्था परिवर्तन
(D) जल का वाष्प बनना (4) विलयन बनना

सही उत्तर: A-2, B-1, C-4, D-3

व्याख्या:

  • (A) तांबे के बर्तन पर हरा रंग (A-2): जब तांबा हवा की नमी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के संपर्क में आता है, तो उस पर ‘बेसिक कॉपर कार्बोनेट’ की एक हरी परत जम जाती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण (Corrosion) कहते हैं। यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

  • (B) गन्ने के रस से सिरका (B-1): गन्ने के रस में मौजूद शर्करा को सूक्ष्मजीवों (Yeast) की मदद से अल्कोहल और फिर एसिटिक एसिड (सिरका) में बदला जाता है। इस जैव-रासायनिक प्रक्रिया को किण्वन (Fermentation) कहते हैं।

  • (C) शक्कर का पानी में घुलना (C-4): जब शक्कर को पानी में मिलाया जाता है, तो वह पानी के अणुओं के बीच के स्थान में समा जाती है और एक समांगी (Homogeneous) मिश्रण बनाती है, जिसे विलयन (Solution) कहते हैं। यह एक भौतिक परिवर्तन है।

  • (D) जल का वाष्प बनना (D-3): जल (द्रव) का गर्मी पाकर भाप (गैस) में बदलना अवस्था परिवर्तन (State Change) कहलाता है। चूँकि भाप को ठंडा करके वापस जल प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए यह एक भौतिक परिवर्तन है।


प्रश्न 35. सूची-I (अभिक्रिया) को सूची-II (परिणाम) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) चूने के पानी में CO2 (1) मैग्नीशियम ऑक्साइड
(B) लोहे पर जस्ता चढ़ाना (2) कैल्शियम कार्बोनेट
(C) Mg रिबन का दहन (3) नीला थोथा (तूतिया)
(D) कॉपर सल्फेट क्रिस्टल (4) गैल्वनीकरण

सही उत्तर: A-2, B-4, C-1, D-3

  • (A) चूने के पानी में CO2 (A-2): जब चूने के पानी (Ca(OH)2) में कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित की जाती है, तो कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) बनने के कारण पानी का रंग दूधिया हो जाता है। यह CO2 गैस के परीक्षण की मुख्य विधि है।

  • (B) लोहे पर जस्ता चढ़ाना (B-4): लोहे को संक्षारण (जंग) से बचाने के लिए उस पर जस्ते (Zinc) की एक पतली परत चढ़ाई जाती है। इस तकनीकी प्रक्रिया को गैल्वनीकरण (Galvanization) या यशदलेपन कहा जाता है।

  • (C) Mg रिबन का दहन (C-1): मैग्नीशियम (Mg) रिबन को हवा में जलाने पर वह ऑक्सीजन के साथ क्रिया करता है और एक चमकदार सफेद रोशनी के साथ जलकर सफेद पाउडर बनाता है, जिसे मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) कहते हैं।

  • (D) कॉपर सल्फेट क्रिस्टल (D-3): कॉपर सल्फेट (CuSO4 . 5H2O) के क्रिस्टल नीले रंग के होते हैं, जिन्हें सामान्य बोलचाल की भाषा में ‘नीला थोथा’ या ‘तूतिया’ कहा जाता है। इसका उपयोग अक्सर कवकनाशी (Fungicide) और प्रयोगशाला परीक्षणों में किया जाता है।


प्रश्न 36. सूची-I (परिवर्तन) को सूची-II (प्रकृति) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) बादलों का बनना (1) रासायनिक (स्थायी)
(B) पटाखों का फूटना (2) भौतिक (अस्थायी)
(C) भोजन का बासी होना (3) तीव्र रासायनिक परिवर्तन
(D) विद्युत बल्ब का जलना (4) धीमा रासायनिक परिवर्तन

सही उत्तर: A-2, B-3, C-4, D-2 (नोट: बल्ब का जलना भौतिक है)

व्याख्या (Concept Clarity):

  • (A) बादलों का बनना (A-2): यह जल चक्र का एक हिस्सा है जिसमें जलवाष्प ठंडी होकर द्रव में बदलती है (संघनन)। यह एक भौतिक और अस्थायी परिवर्तन है क्योंकि बादल बरसने के बाद जल वापस वाष्प बन सकता है।

  • (B) पटाखों का फूटना (B-3): पटाखे का जलना एक तीव्र रासायनिक परिवर्तन है। यह कुछ ही सेकंड में संपन्न होता है और इसमें प्रकाश, ध्वनि और नई गैसें (नया पदार्थ) उत्पन्न होती हैं।

  • (C) भोजन का बासी होना (C-4): भोजन का खराब होना (Rancidity) एक रासायनिक प्रक्रिया है जो सूक्ष्मजीवों और ऑक्सीकरण के कारण होती है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे संपन्न होती है, इसलिए इसे धीमा रासायनिक परिवर्तन कहते हैं।

  • (D) विद्युत बल्ब का जलना (D-2): जब बल्ब के टंगस्टन फिलामेंट में बिजली प्रवाहित होती है, तो वह गर्म होकर चमकने लगता है। स्विच बंद करते ही वह वापस अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है। इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता, अतः यह भौतिक और अस्थायी परिवर्तन है।


प्रश्न 37. सूची-I (विधि) को सूची-II (उपयोग) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) क्रिस्टलीकरण (1) अशुद्धियों को दूर करना
(B) आसवन (Distillation) (2) समुद्री जल से नमक प्राप्त करना
(C) वाष्पन (3) शुद्ध ठोस प्राप्त करना
(D) छानना (4) दो द्रवों को अलग करना

सही उत्तर: A-3, B-4, C-2, D-1

  • (A) क्रिस्टलीकरण (A-3): इस विधि का उपयोग किसी अशुद्ध नमूने से शुद्ध ठोस (जैसे फिटकरी या कॉपर सल्फेट) प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह वाष्पीकरण से बेहतर विधि मानी जाती है क्योंकि इसमें पदार्थ के जलने का डर नहीं रहता।

  • (B) आसवन (B-4): जब दो ऐसे द्रव आपस में मिले हों जिनके क्वथनांक (Boiling Points) में पर्याप्त अंतर हो, तो उन्हें आसवन द्वारा अलग किया जाता है। जैसे- जल और एसीटोन का मिश्रण।

  • (C) वाष्पन (C-2): इस विधि में द्रव को गरम करके उड़ा दिया जाता है और पीछे ठोस बच जाता है। समुद्री जल से नमक प्राप्त करने के लिए इसी भौतिक प्रक्रिया का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।

  • (D) छानना (D-1): यह सबसे सरल विधि है जिसका उपयोग किसी द्रव में मौजूद अघुलनशील ठोस अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है। जैसे- गंदे पानी से रेत अलग करना या चाय से पत्ती अलग करना।

प्रश्न 38. सूची-I (मिश्रण) को सूची-II (परिवर्तन का प्रकार) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) लोहे के चूर्ण और रेत को मिलाना (1) जटिल रासायनिक परिवर्तन
(B) चूने में पानी डालना (2) साधारण भौतिक मिश्रण
(C) पाचन क्रिया (3) रासायनिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
(D) मोम का पिघलना (4) केवल भौतिक अवस्था परिवर्तन

सही उत्तर: A-2, B-3, C-1, D-4

व्याख्या और मुख्य बिंदु:

  • (A) लोहे के चूर्ण और रेत को मिलाना (A-2): यह एक साधारण भौतिक मिश्रण है। इसमें लोहे और रेत के कण आपस में कोई रासायनिक क्रिया नहीं करते। इन्हें चुंबक की सहायता से आसानी से अलग किया जा सकता है।

  • (B) चूने में पानी डालना (B-3): जब बिना बुझे चूने (CaO) में पानी मिलाया जाता है, तो बुझा हुआ चूना (Ca(OH)2) बनता है और बहुत अधिक मात्रा में गर्मी (ऊष्मा) निकलती है। इसलिए इसे ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया कहते हैं।

  • (C) पाचन क्रिया (C-1): भोजन का पचना एक जटिल रासायनिक परिवर्तन है। इसमें एंजाइमों की मदद से भोजन के बड़े अणु (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन) छोटे अणुओं में टूट जाते हैं। इस प्रक्रिया को वापस उल्टा नहीं किया जा सकता।

  • (D) मोम का पिघलना (D-4): मोम का पिघलना केवल उसकी अवस्था में बदलाव है (ठोस से द्रव)। यह एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि ठंडा होने पर मोम वापस अपनी मूल ठोस अवस्था में आ जाता है।


प्रश्न 39. सूची-I (कारक) को सूची-II (प्रभाव) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) नमी (Moisture) (1) दहन में सहायक
(B) ऑक्सीजन (2) जंग लगने की दर बढ़ाना
(C) एंजाइम (3) उर्ध्वपातन में सहायक
(D) ऊष्मा (4) जैविक रासायनिक परिवर्तन

सही उत्तर: A-2, B-1, C-4, D-3

व्याख्या:

  • (A) नमी (A-2): नमी या जलवाष्प लोहे पर जंग लगने के लिए एक अनिवार्य घटक है। तटीय क्षेत्रों (Coastal areas) में जहाँ हवा में नमी अधिक होती है, वहाँ जंग लगने की दर शुष्क क्षेत्रों की तुलना में बहुत तेज होती है।

  • (B) ऑक्सीजन (B-1): दहन (Combustion) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके ऊष्मा और प्रकाश देता है। बिना ऑक्सीजन के दहन संभव नहीं है।

  • (C) एंजाइम (C-4): एंजाइम ‘जैव-उत्प्रेरक’ (Biocatalysts) होते हैं जो सजीवों के शरीर में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं (जैसे पाचन) की गति को बढ़ाते हैं। ये जैविक रासायनिक परिवर्तनों के लिए जिम्मेदार होते हैं।

  • (D) ऊष्मा (D-3): कई भौतिक परिवर्तनों जैसे उर्ध्वपातन (Sublimation) में ऊष्मा मुख्य कारक होती है। कपूर या आयोडीन को ऊष्मा देने पर ही वे ठोस से सीधे गैस में परिवर्तित होते हैं।


प्रश्न 40. सूची-I (पदार्थ) को सूची-II (होने वाला परिवर्तन) से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) एल्यूमीनियम पन्नी का टुकड़ा करना (1) रासायनिक (अपघटन)
(B) अंडे का उबलना (2) भौतिक (आकार परिवर्तन)
(C) पानी का विद्युत अपघटन (3) रासायनिक (प्रोटीन संरचना बदलाव)
(D) नेफ्थलीन की गोलियाँ (4) भौतिक (सीधे गैस बनना)

सही उत्तर: A-2, B-3, C-1, D-4

व्याख्या (Detailed Logic):

  • (A) एल्यूमीनियम पन्नी का टुकड़ा करना (A-2): जब हम एल्यूमीनियम की पन्नी को छोटे टुकड़ों में काटते हैं, तो उसके केवल आकार (Size) में बदलाव आता है। पन्नी के रासायनिक गुण वही रहते हैं, इसलिए यह एक भौतिक परिवर्तन है।

  • (B) अंडे का उबलना (B-3): अंडे को उबालने पर उसमें मौजूद प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) की संरचना स्थायी रूप से बदल जाती है और वह तरल से ठोस हो जाता है। चूँकि उबले हुए अंडे को वापस कच्चा नहीं किया जा सकता, यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

  • (C) पानी का विद्युत अपघटन (C-1): जब पानी (H2O) में बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह अपने अवयवों—हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस में टूट जाता है। इसे विद्युत अपघटन (Electrolysis) कहते हैं, जो कि एक शुद्ध रासायनिक परिवर्तन है।

  • (D) नेफ्थलीन की गोलियाँ (A-4): अलमारी में रखी नेफ्थलीन की गोलियाँ समय के साथ बिना द्रव में बदले सीधे गैस बनकर उड़ जाती हैं। इस उर्ध्वपातन (Sublimation) की प्रक्रिया में केवल अवस्था बदलती है, अतः यह एक भौतिक परिवर्तन है।

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