वैधुत आवेश के मूल गुण (Fundamental Properties of Electric Charge)
हमने यह देखा कि आवेश दो प्रकार के होते है – धनात्मक और ऋणात्मक | सजातीय (समान) आवेश एक – दूसरे को प्रतिकर्षित करते है, जबकि विजातीय (विपरीत) आवेश एक – दूसरे को आकर्षित करते है | यह पर हम विधुत आवेशों के कुछ अन्य महत्वपूर्ण गुणों Fundamental Properties of Electric Charge के बारे में पढ़ेंगे |
1 आवेशों की योज्यता (Additivity of Charges) :-
किसी निकाय का कुल वैद्युत आवेश विभिन्न अवयवी कणों पर उपस्थित भिन्न – भिन्न आवेशों के बीजगणीतीय योग के बराबर होता है | अर्थात् आवेशों को वास्तविक संख्य्याओं की भाँति जोड़ा ज सकता है | अथवा आवेश द्रव्यमान की भाँति अदिश राशि है |
यदि किसी निकाय में n आवेश q1, q2, q3 ……..qn है तो निकाय का कुल आवेश q1 + q2 + q3 + …….. qn है | आवेश का द्रव्यमान की भाँति ही परिणाम होता है, दिशा नहीं होती है | किसी वस्तु का द्रव्यमान सदैव धनात्मक होता है | जबकि कोई आवेश या तो धनात्मक हो सकता है अथवा ऋणात्मक | अत: किसी निकाय का आवेश ज्ञात करते समय उचित चिह्न का प्रयोग करना होता है |
जैसे – यदि किसी निकाय में +2q, -5q, +7q आवेश है तो निकाय का कुल आवेश q = +2q -5q +7q = +4q होगा |
नोट:- यदि किसी पदार्थ पर आवेशों का योग शून्य हो तो वह पदार्थ उदासीन कहा जाता है |
2. आवेश के संरक्षण का नियम (Law of conservation of Charge) :-
“किसी भी विलगित तंत्र में आवेश की कुल मात्रा नियत रहती है | इसे आवेश संरक्षण का नियम कहते है |”
यदि किसी विलगित निकाय के तंत्र से दो पिण्ड पर आवेश q1 व q2 है एवं इनमें परस्पर अभिकिया के फलस्वरूप आवेश q3 व q4 हो जाते है तो आवेश संरक्षण के नियमानुसार तंत्र में कुल आवेश की मात्रा स्थिर रहनी चाहिए अत:
क्रिया से पूर्ण आवेश = क्रिया के पश्चात् आवेश
अर्थात् – q1 + q2 = q3 + q4
इसी प्रकार किसी रासायनिक या विद्युत प्रक्रिया में किसी तंत्र में कुछ धन आवेश उत्पन्न होता है तो उतने ही ऋण आवेश भी उत्पन्न होने चाहिए, जिससे इनका योग प्रक्रिया से पूर्व आवेश के मान के बराबर हो जाए | काँच की छड़ को जब आवेशित करते है तो उसे रेशम के कपड़े से रगड़ते है | जिससे काँच की छड़ एवं रेशम पर विपरीत आवेश उत्पन्न होते है | रगड़ने के कारण आवेशन की प्रक्रिया में आवेश का बीजगणितीय योग अपरिवर्तित रहता है |
उदाहरण :- (1) जब इलेक्ट्रॉन और इसका प्रतिकण पोजीट्रॉन आपस में टकराते है तो वे परस्पर विनाश कर विद्युत चुम्बकीय विकिरण उत्पन्न करते है, जो आवेश रहित होते है | शून्यीकरण की इस प्रक्रिया के प्रारम्भ में कुल आवेश शून्य था और अंत में भी कुल आवेश शून्य है यह प्रक्रिया इस प्रकार से लिखी जाती है –
इलेक्ट्रॉन + पोजीट्रॉन → गामा किरण
e– + p+ → γ
(2) रेडियोधर्मी क्षय और नाभिकीय अभिकियाओं में भी आवेश का संरक्षण होता है |
$$_{238}^{92}\textrm{U}→_{234}^{90}\textrm{Th} + _{4}^{2}\textrm{He} (α – कण)$$
3. विद्युत् आवेश का क्वांटीकारण (Quantization of Charge) :-
” किसी वैद्युत आवेश को अनिशिचित रूप में विभाजित नहीं किया ज सकता है | किसी आवेशित पदार्थ पर आवेश परिणाम मूल आवेश e के परिणाम के पूर्ण गुणज में होता है | यदि किसी पदार्थ पर आवेश का परिणाम q हो तो –
$$q = ne (n = \pm1, \pm2, \pm3, ……..)$$
प्रकृति में e से छोटा कोई आवेश नहीं है अत: किसी भी आवेशित वस्तु अथवा कण पर उपस्थित आवेश ज्ञात करें तो वह सदैव e, 2e, 3e ……. अथवा -e, 2e, -3e ……. ही होगा, e के भिन्न रूप में नहीं अर्थात् 0.7e, 3.5e 1.5e…… आदि नही |
प्रश्न :- यदि किसी पिण्ड से एक सैकेंड में 109 इलेक्ट्रॉन किसी अन्य पिण्ड में स्थानान्तरित होते है तो 1C आवेश के स्थानान्तरण में कितना समय लगेगा ?
Solution :- हम जानते है कि आवेश क्वांटीकरण होता है | और इसका क्वांटम इलेक्ट्रॉन पर आवेश का मान e = 1.6 x 10-19C के बराबर होता है |
अत: 1C आवेश के स्थानान्तरण के लिए स्थानान्तरित इलेक्ट्रॉन की संख्या होगी –
$$n = \frac{q}{e}$$
$$n = \frac{1}{1.6×10^{-19}}$$
n = 6.25 x 1018
अत: 1 कूलाम आवेश (या 6.25 x 1018 इलेक्ट्रॉन ) स्थानान्तरित होने में लगा समय –
$$ T = \frac{6.25 \times 10^{18}}{10^{9}} $$
T = 6.25 x 109 सैकेंड
वर्ष में बदलने पर –
$$ T = \frac{6.25 \times 10^{9}}{60 \times 60 \times 24 \times 365} $$
= 198.18 ≈ 200 वर्ष
Electric Charge and Field
- 2. Animal Tissue / जन्तु ऊत्तक (उपकला ऊत्तक)
- धातु एवं अधातु
- उत्प्रेरक
- ऑक्सीकरण एवं अपचयन अभिक्रियाएँ (Oxidation and reduction reactions)
- परमाणु / Atom – No -#01 नोट्स
- रासायनिक एवं भौतिक परिवर्तन Chemical and physical change Part 01
- भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes)
- Rajasthan ldc syllabus 2026 in hindi
- 3rd grade 2026 sst paper answer key
- 3rd grade 2026 math science paper answer key 71 – 150
- Reet Mains 2026 Math Science Paper Solution
- REET Mains L1 / L2 answer key 2026
- Indian History Mock Test – 01
- Rajasthan Police SI Mock Test – 02
- Rajasthan Police SI Hindi Mock Test – 01
- REET Level – 01 Mock Test – 01
- Rajasthan Culture Mock Test
- Rajasthan Gk Test Paper –
- राजस्थान के लोकनृत्य
- राजस्थान के लोकगीत
- राजस्थान के लोक देवता
- राजस्थान के प्रसिद्ध कवि एवं लेखक
- राजस्थान के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थल
- राजस्थान के मेले और त्यौहार
- राजस्थानी पोशाक / परिधान
- राजस्थान के ऐतिहासिक व्यक्ति